हरियाणा के राज्य गीत को लेकर छिड़े विवाद में आया नया मोड़, असली लेखक ने ठोका दावा

चंडीगढ़ | हरियाणा के राज्य गीत को लेकर विवाद गहरा गया है. गीत के बोल चोरी करने के आरोपों के बीच पानीपत के डॉक्टर बालकृष्ण शर्मा ने दावा कि है कि यह गीत उनकी खुद की लिखी रचना है. उन्होंने कहीं से भी इस गीत के किसी भाग की नकल नहीं की है. उन्होंने बताया किया कि कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा (Haryana) द्वारा राज्य गीत आमंत्रित करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2021 निर्धारित की गई थी. उन्होंने विभाग को ईमेल के माध्यम से अंतिम तिथि से पहले ही अपना राज्य गीत भेज दिया था.

Vidhansabha CM

असली लेखक ने दी सफाई

4 अगस्त 2023 को कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग ने उन्हें सूचित किया कि उनके गीत को कमेटी द्वारा श्रेष्ठ गीत के रूप में चुना गया है. राज्य गीत के बोल चोरी करने के आरोपों पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाली लेखिका ने अपने राज्य गीत की जो हस्तलिखित प्रति प्रचारित की है, उसमें लिखने की तिथि 29 जनवरी 2024 दिखाई दे रही है, जबकि उन्होंने अपना गीत 29 सितंबर 2021 से पहले ही लिख लिया था.

यह भी पढ़े -  खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी, हरियाणा में खेल उपलब्धियों के आधार पर मिली सरकारी नौकरी

जानें विवाद की वजह

विवाद इस बात को लेकर है कि फतेहाबाद जिले के गांव ढींगसरा के कृष्ण कुमार और सोनीपत की गीतू परी ने इस गीत के बोल चोरी करने के आरोप लगाए हैं. राज्य गीत के चयन के लिए बनाई गई कमेटी को कुल 204 गीत प्राप्त हुए थे, जिनमें से 3 गीतों का चयन किया गया था. उसके बाद, बालकृष्ण शर्मा के गीत को अंतिम रूप से चुना गया.

कुरुक्षेत्र के डॉक्टर श्याम शर्मा द्वारा इस गीत को गाया गया है. विधानसभा की राज्य स्तरीय कमेटी किसी भी समय इस मामले से जुड़ी रिपोर्ट सदन में पेश कर सकती है. सदन में गीत सुनाए जाने के बाद, विधानसभा के सभी विधायक इस पर अपनी सहमति की मोहर लगाएंगे.

Avatar of Nisha Tanwar
Nisha Tanwar
View all posts