पानीपत | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) अब उन लोगों पर सख्ती बरतने के मूड में नजर आ रही है, जो BPL सूची में शामिल होकर गलत तरीके से सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं. बीते कुछ समय से विपक्ष सरकार पर राज्य के बीपीएल श्रेणी के आंकड़ों को लेकर हमलावर बना हुआ था. इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में जवाब दिया कि फर्ज़ी BPL परवारों पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी.
अब इसी कड़ी में पानीपत के 215 फर्जी परिवारों को गरीबों की सूची से बाहर कर दिया गया है. यह वह परिवार हैं, जो सरकारी रिकॉर्ड में गरीबी रेखा से नीचे बने हुए थे और सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा रहे थे.
फर्जी BPL परिवारों पर कसा शिकंजा
ऐसे जानकारियां सामने आ रही थीं कि कुछ लोग आलीशान कोठी और लग्जरी गाड़ियों के मालिक हैं. इनके घरों में एसी सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं भी हैं, फिर भी ये लोग सरकारी रिकॉर्ड में गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) बने हुए थे. अब ऐसे फर्जी गरीबों पर सरकार ने नकेल कसनी शुरू कर दी है.
सरकार के आदेश पर प्रशासन द्वारा 31 मार्च तक भौतिक सत्यापन का काम किया गया. जांच में सामने आया कि पानीपत के 215 परिवार फर्जी रूप से बीपीएल सूची में शामिल थे. अब सरकार ने 20 अप्रैल तक की डेडलाइन निर्धारित की है. इस तारीख तक लोग खुद अपना नाम बीपीएल सूची से कटवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं.
कार्रवाई के साथ होगी वसूली
इस विषय में जानकारी देते हुए एडीसी डॉक्टर पंकज यादव ने बताया कि बीपीएल सूची में शामिल परिवारों का रेंडम फिजिकल वेरिफिकेशन करवाया गया था. जिसमें लगभग 215 लोग फर्जी पाए गए. उन्हें चेतावनी जारी करते हुए बीपीएल सूची से हटा दिया गया है. सरकार ने ऐसे फर्जी लोगों को खुद ही योजना से बाहर होने के लिए 20 अप्रैल की डेडलाइन दी है. इसके बाद, सरकार द्वारा जांच की जाएगी और पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई के साथ वसूली भी की जा सकती है.
