नई दिल्ली | NCC के ‘C’ सर्टिफिकेट धारकों के लिए अग्निवीर बनना अब आसान हो गया है. सैन्य प्रशासन ‘सी’ सर्टिफिकेट प्राप्त कर चुके अग्निवीर अभ्यर्थियों को डायरेक्ट रैली में बुलाने की तैयारी कर रहा है. इसका अर्थ है कि इन्हें अग्निवीर बनने के लिए लिखित परीक्षा में शामिल नहीं होना होगा.
लखनऊ में हुई अहम मीटिंग
अग्निवीर भर्ती के नियमों को आसान बनाकर ज्यादा युवाओं को आकर्षित करने के लिए लखनऊ में हुई सैन्य अफसरों की बैठक में कई अहम मुद्दों पर सहमति दी गयी है. अग्निवीर भर्ती में 10वीं और 12वीं पास अभ्यर्थियों के लिए वर्तमान में अंक प्रतिशत की बाध्यता है. इसे भी समाप्त करने पर सहमति बनी है. इसके लिए टाइम लिमिट अभी तय नहीं है.
13 भाषाओं में होगी परीक्षा
एक अभ्यर्थी दो पदों के लिए फार्म भर पायेगा. इसके अतिरिक्त, 13 भाषाओं अंग्रेजी, हिंदी, मलयाली, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, पंजाबी, उड़िया, बांग्ला, उर्दू, गुजराती, मराठी, असमी में परीक्षा कराई जाएगी. वाराणसी में अग्निवीर भर्ती की पिछली रैली में 627 युवाओं कों सेलेक्ट किया गया था. इस बार लगभग 1300 पदों के लिए भर्तियां होंगी.
क्या है एनसीसीस का ए, बी और सी सर्टिफिकेट?
नेशनल कैडेट कोर द्वारा अपने छात्रों को ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ सर्टिफिकेट जारी किया जाता है. ‘ए’ सर्टिफिकेट जूनियर डिवीजन, ‘बी’ सर्टिफिकेट इंटरमीडिएट और ‘सी’ सर्टिफिकेट डिग्री सेक्शन के लिए होता है. 50 प्रतिशत से ज्यादा अंक प्राप्त करने पर ‘सी’ सर्टिफिकेट मिलता है. यह सर्टिफिकेट सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस भर्ती में छूट दिलाने में सहायक होता है.
नए बदलाव लागू होना संभावित
सेना भर्ती कार्यालय, वाराणसी के निदेशक शैलेश कुमार ने कहा कि एनसीसी ‘सी’ डिग्रीधारियों को सीधे रैली में बुलाने और 10वीं, 12वीं के अभ्यर्थियों के लिए अंक प्रतिशत की बाध्यता समाप्त करने पर विचार चल रहा है. नए बदलाव आगामी परीक्षा में ही लागू होना संभावित है. युवाओं को चाहिए कि टेक्निकल पदों पर ज्यादा आवेदन करें. होटल मैनेजमेंट, कुक, शेफ, जनरल ड्यूटी के अतिरिक्त कुक, लाइनमैन आदि पदों के लिए आवेदन किए जा सकते हैं.
