सिरसा | राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत अब कॉलेज- यूनिवर्सिटीज के विद्यार्थियों को कोर्स के दौरान इंटर्नशिप (उद्योगों में प्रशिक्षण) करनी अनिवार्य होगी. इसके लिए उन्हें स्टायपेंड भी मिलेगा. सीएम नायब सिंह सैनी की ओर से बजट शासन के दौरान इसका ऐलान किया गया था. अब सरकार के आर्डर पर उच्चतर शिक्षा विभाग ने इंडस्ट्री- एकेडेमिया पार्टनरशिप और मुख्यमंत्री युवा कौशल सम्मान योजना को लागू कर दिया है.
विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
इससे पहले चरण में पूरे हरियाणा के 10 सरकारी यूनिवर्सिटी और 185 राजकीय कॉलेजों के 7 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा. दूसरे चरण के तहत निजी कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज के लगभग 20 लाख विद्यार्थियों तक योजना का विस्तार होगा. केंद्र सरकार की तरफ से एनईपी के तहत प्रावधान किया गया है कि विद्यार्थियों को कोर्स के दौरान उद्योगों में भी ट्रेनिंग दिलायी जानी चाहिए. साथ ही, पढ़ाई के दौरान ही विद्यार्थियों को उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार तैयार किया जाए.
1 साल की इंटर्नशिप अनिवार्य
हरियाणा सरकार ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में संचालित यूजी (अंडर ग्रेजुएट) कोर्स में एनईपी को लागू कर दिया है. एनईपी में अनिवार्य प्रावधान शामिल किया गया है कि तीन वर्षीय कोर्स के दौरान विद्यार्थियों को एक साल की इंटर्नशिप करनी ही होगी, यह अनिवार्य होगा. इसके एवज में विद्यार्थियों को स्टायफंड भी दिया जाएगा. उच्चतर शिक्षा विभाग ने योजना लागू करते हुए आदेश घोषित कर दिए हैं. अब सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लिए गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है.
लोकल उद्योगों से भी एमओयू
पहले चरण में प्रदेश की 10 सरकारी यूनिवर्सिटी और 185 राजकीय कॉलेजों में योजना लागू होगी. इन संस्थानों में लगभग 7 लाख विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. दूसरे चरण में प्राइवेट और एडिड कॉलेज, प्राइवेट और यूनिवर्सिटी में भी इसे लागू किया जाए. कुल मिलाकर प्रदेश भर के 20 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को सरकार की इस योजना का लाभ मिल पायेगा.
चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी के राजिस्ट्रार डॉ. राजेश कुमार बांसल ने कहा कि सरकार द्वारा योजना का पत्र भेज दिया गया है. इस पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है. इस बारे में इंटर्नशिप सैल को काम दिया गया है और लोकल उद्योगों से भी एमओयू किया जाएगा.
