चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार (Nayab Saini Govt) ने सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं पर अंकुश लगाने की तैयारियां शुरू कर दी है. इस संबंध में सीएम नायब सैनी ने नगर निगम अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है. उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि पशुओं को सड़कों पर खुला छोड़ने वाले डेयरी संचालकों और अन्य पशु मालिकों से अब 500 नहीं, बल्कि 5 हजार रुपए जुर्माना वसूल किया जाएं.

दूसरी बार पशु पकड़े जाने पर 11 हजार और तीसरी बार 21 हजार रुपए जुर्माना लगाने के आदेश दिए हैं. बीते सप्ताह सीएम नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्देश दिए गए हैं. आदेशों पर कार्रवाई और धरातल पर अमलीजामा पहनाने के लिए निगम आयुक्त को पत्र लिखा गया है.
GPS टैगिंग प्रणाली होगी लागू
सीएम नायब सैनी ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग को प्रदेशभर में लावारिस पशुओं को गौशालाओं में स्थानांतरित करने के लिए एक मानक संचालन प्रकिया (SOP) तैयार करने के निर्देश दिए हैं. SOP में लावारिस पशुओं की पहचान और टैगिंग, स्थानांतरण के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान, स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान लावारिस पशुओं की देखभाल, समय- सीमा और स्थानांतरण सुनिश्चित करने के लिए गौशाला मालिकों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं.
लावारिस पशुओं की रोकथाम के लिए CM ने सभी निगम आयुक्त को निर्देश दिया कि प्रदेशभर में पंचायत व ग्राम पंचायत की भूमि को गौशालाओं, नंदी शालाओं और गौ अभियान के लिए सुविधाओं की स्थापना के लिए चिह्नित किया जाए, ताकि खाली भूमि पर यह बनाकर लावारिस पशुओं को रोका जा सके.
मवेशी टैगिंग प्रणाली विकसित
उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण अभियान के तहत नए गौशालाओं या नंदी शालाओं में स्थानांतरित किए गए पशुओं पर नज़र रखने के लिए जीपीएस आधारित मवेशी टैगिंग प्रणाली विकसित की जाए. इस जीपीएस टैगिंग से डेयरी संचालकों द्वारा बार- बार पशुओं को खुले में छोड़ने पर रोक लगाने में सफलता मिलेगी.