रोहतक | हरियाणा रोडवेज बसों (Haryana Roadways Bus) में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है. खासतौर पर रोजाना इन बसों से आवागमन करने वालों के लिए यह खबर बेहद ही महत्वपूर्ण है. बता दें कि अपनी लंबित मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों में रोष बढ़ता ही जा रहा है. सरकार से बार- बार बातचीत के बावजूद भी समाधान नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है.
चक्का जाम का ऐलान
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन मुख्यालय के राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद व महासचिव सुमेर सिवाच ने एक बयान जारी कर कहा है कि रोडवेज विभाग में आनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के तहत करीब 1044 कर्मचारियों को अभी तक सैलरी जारी नहीं की गई है. कर्मचारियों को परिवार का पालन-पोषण, आर्थिक जरूरतें, बच्चों की फीस के खर्चे व अनेक प्रकार के घरेलू इस्तेमाल के लिए मासिक किस्तों का भुगतान भी करना पड़ता है.
यूनियन के नेताओं ने रोडवेज प्रशासन से समय पर वेतन का भुगतान करने की मांग की हैं. इनका कहना है कि अपनी मांगों को मनवाने के लिए रोडवेज कर्मचारी 9 जुलाई को पूरे हरियाणा में रोडवेज बसों का चक्का जाम करेंगे. इस दिन राष्ट्रव्यापी हड़ताल कर चक्का जाम को पूर्ण रूप से सफल बनाया जाएगा.
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
रोडवेज यूनियन के नेताओं ने बताया कि रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा के साथ रोडवेज अधिकारियों की कई बार बातचीत हो चुकी है. मानी गई मांगों पर सहमति के बावजूद भी कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सूबे में परिवहन सेवा को मजबूत करने की दिशा में हजारों नई बसें बेड़े में शामिल कर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर सकती हैं, लेकिन सरकार की मंशा रोडवेज विभाग के निजीकरण पर टिकी हुई है. उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर हमारी मांगों को अनदेखा कर रही है.
