हिसार | हरियाणा में मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है. मॉनसून सीजन की शुरुआत के साथ ही इस बार प्रदेश में झमाझम बरसात का दौर शुरू हो गया और लगभग सभी जिलों में अच्छी खासी बरसात देखने को मिली है. लेकिन अब बीते कुछ दिनों से धीरे- धीरे तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. एक ओर सूरज की तपिश लोगों को परेशान कर रही है. दूसरी ओर उमस ने लोगों की दिक्कतें और बढ़ा दी हैं.
दो दिन बारिश की संभावना कम
मौसम विभाग द्वारा आज और कल दो दिन कम बरसात के आसार जताए गए हैं. आज 8 जिलों- पंचकुला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत और सोनीपत में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं बाकी 14 जिलों में मौसम साफ बने रहने की संभावना है. शनिवार को किसी भी जिले में बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है. 27 जुलाई से फिर से मानसून की सक्रियता देखने को मिलेगी और लगभग समूचे हरियाणा में बारिश हो सकती है.
27 जुलाई से असर दिखाएगा मानसून
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून कमजोर पड़ने के बाद 27 जुलाई से फिर सक्रिय होगा. इस दिन सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में 25 से 50% बारिश की संभावना है. वहीं पंचकुला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में 50 से 75% बारिश के आसार हैं. यमुनानगर में 75 से 100% बारिश की संभावना जताई गई है.
7 जिलों – पंचकुला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और सोनीपत में येलो अलर्ट जारी हुआ है. 28 जुलाई को पंचकुला, अंबाला, यमुनानगर और करनाल में भी बारिश की संभावना बताई गई है.
अब तक सामान्य से ज्यादा बरसात
आईएमडी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक प्रदेश में सामान्य से 23% ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है. 24 जुलाई तक औसतन 170.3 एमएम बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 208.8 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है. विभाग द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि यमुनानगर में सबसे अधिक 472.3 एमएम बारिश हुई. सबसे कम 95 एमएम बारिश कैथल में रिकॉर्ड की गई है.
