चरखी दादरी | हरियाणा में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय की तरफ से राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए सभी राशन लाभार्थियों की आधार कार्ड के माध्यम से 2017 से ई- केवाईसी की जा रही है. विभाग के द्वारा यह काम सालों बाद भी जिले में अभी तक 100 प्रतिशत पूरा नहीं हो सका है.

फर्जीवाड़ा रोकना सबसे बड़ा उद्देश्य
विभाग ने 30 जुलाई तक जिले के सभी 100 प्रतिशत लगभग 320429 राशन लाभार्थियों की ई- केवाईसी पूरी करने की सख्त डेडलाइन दी थी. अभी तक 190840 लाभर्थियों की ही ई- केवाईसी हो पाई है. संबंधित विभाग की इस विफलता से न केवल राशन में फर्जीवाड़ा रोकने की मुहिम कमजोर पड़ रही है, बल्कि हजारों गरीब परिवारों का राशन बंद होने का खतरा भी मंडरा रहा है. अधिकारियों व कर्मचारियों ने डेडलाइन को गंभीरता से नहीं लिया. इससे राशन प्रणाली में पारदर्शिता लाने की कोशिश अधर में लटक गई है.
तकनीकी खामियां भी बनी अड़चन
ई- केवाईसी तय सीमा में पूरी न होने को लेकर डिपो होल्डर ने बताया कि विभाग द्वारा हाल में जारी किया गया मेरा ई- केवाईसी ऐप्लिकेशन भी ठीक से काम नहीं कर रहा है. विभाग द्वारा पहले दी गई पीओएस मशीनें अब काफी पुरानी हो चुकी है, जिनमें अक्सर सर्वर डाउन की समस्या व अन्य तकनीकी खामियां आने के कारण एक परिवार की ई- केवाईसी में कई बार करीब आधा घंटा लग जाता है.
काफी डिपो धारकों का कहना है कि अगर सरकार को समय पर ई- केवाईसी करवानी है, तो पहले बगैर ई- केवाईसी राशन धारकों का राशन बंद करना चाहिए. आम लोगों में ई- केवाईसी को लेकर ज्यादा उत्साह नहीं है क्योंकि लोगों को राशन मिलने में कोई परेशानी नहीं हो रही है.
पात्र लाभार्थियों को मिले राशन
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एक अधिकारीने बताया कि ई- केवाईसी का उद्देश्य राशन वितरण में फर्जीवाड़ा रोकना है. कई मामलों में लोग एक ही नाम को 2 राशन कार्डों में दर्ज करवाते है. इससे परिवार के सदस्यों की संख्या गलत तरीके से बढा लेते है. ई- केवाईसी के जरिये ऐसे लाभार्थियों की पहचान कर परिवार पहचान पत्र सूची से हटाना है.