चंडीगढ़ | हरियाणा में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग द्वारा बिल्डिंग कोड 2017 में बदलाव किए जा रहे हैं. बरसाती पानी को संजोने के लिए बिल्डिंग कोड में नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी है. अब वर्षा जल संरक्षण प्रणाली की नियमित जांच की जाएगी. यदि सिस्टम में खराबी पाई गई तो कब्जा प्रमाण पत्र रद्द किया जा सकता है. इस संबंध में TCPD द्वारा सार्वजनिक तौर पर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं.
खराबी मिलने पर रद्द हो सकता है कब्जा प्रमाण पत्र
यदि जल संचयन प्रणाली वाले भवनों में निरीक्षण के दौरान कोई खराबी पाई जाती है तो कब्जा प्रमाण पत्र रद्द किया जा सकता है. इससे पहले भवन मालिक को चार से आठ हफ्तों का समय दिया जाएगा. प्रत्येक भवन मालिक को पहली तिमाही में यह प्रमाण पत्र देना होगा कि उसकी वर्षा जल संचयन प्रणाली सही प्रकार से काम कर रही है. इस पत्र को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा.
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा. जलस्तर की नियमित निगरानी के लिए ऑटोमेटिक वाटर लेवल रिकॉर्डर भी लगाया जा सकता है.
