नई दिल्ली | केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय देश में सड़क सुरक्षा को बढ़ाने के लिए नियमों को और सख्त करने जा रहा है. इसके तहत, बिना बीमा वाले वाहनों पर सख्त जुर्माने का प्रस्ताव रखा गया है. यह बीमा प्रीमियम का 5 गुना तक हो सकता है. इसके अलावा, शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है.
नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी
मिली जानकारी के अनुसार, इसके लिए केंद्र सरकार मोटर वाहन अधिनियम में जरूरी बदलाव करने जा रही है. इस कदम का उद्देश्य बिना बीमा के वाहनों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाना है. प्रस्ताव के अनुसार, बिना बीमा वाले वाहनों से पहली बार पकड़े जाने पर बीमा प्रीमियम का तीन गुना और दोबारा पकड़े जाने पर 5 गुना जुर्माना वसूलने का प्रावधान लागू हो सकता है. वर्तमान में पहली बार गलती करने पर 2 हजार रुपये और दोबारा गलती करने पर 4 हजार रुपये का जुर्माना लगता है. इसके अलावा, 3 महीने की जेल भी हो सकती है.
सरकार चाहती है कि सड़कों पर बिना बीमा वाली गाड़ियों की संख्या कम हो, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में मुआवजा आसानी से मिल सके. विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव सड़कों को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं. इन बदलावों का प्रस्ताव सड़क परिवहन मंत्रालय ने दूसरे मंत्रालयों और विभागों को भेजा है, ताकि सभी की राय मिल सके. सभी सुझाव मिलने के बाद इसे कैबिनेट के पास भेजा जाएगा. कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही ये नए नियम पूरे देश में लागू कर दिए जाएंगे.
ड्राइविंग लाइसेंस पर सख्ती
सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू करने के लिए भी नियम सख्त करने का प्रस्ताव रखा है. जो लोग तेज रफ्तार या शराब पीकर गाड़ी चलाने जैसे अपराधों में दोषी पाए गए हैं, उन्हें लाइसेंस रिन्यू करने के लिए अनिवार्य टेस्ट देना होगा. 55 साल से ऊपर के लोगों को भी लाइसेंस रिन्यू के लिए ड्राइविंग टेस्ट पास करना होगा.
वाहनों की गति सीमा होगी तय
राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के लिए वाहनों की मानक गति सीमा भी तय की जाएगी. कई बार केंद्र और राज्य सरकारें अलग- अलग नियम लागू कर देती हैं, जिससे लोगों को समझ नहीं आता कि कहां कितनी गति में गाड़ी चलानी है. कई बार अनजाने में चालान कट जाता है. नई व्यवस्था के मुताबिक, अब राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पर गति सीमा तय करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास रहेगा, जबकि राज्य हाइवे और स्थानीय सड़कों के लिए गति सीमा राज्य सरकारें तय करेंगी.
