चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कौशल विकास एवं ITI विभाग में खाली 165 आईटीआई इंस्ट्रक्टर पदों पर दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी करने के लिए स्वीकृति प्रदान की थी. सीएम से हरी झंडी मिलने के बाद मुख्य सचिव ने कौशल विकास एवं आईटीआई विभाग को नौ कैटेगरी के 165 खाली पदों पर दूसरी वेटिंग लिस्ट के प्रस्ताव की मंजूरी भेजी थी.
राज्य सरकार के पास होता है अधिकार
डिपार्टमेंट ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) को दूसरी वेटिंग लिस्ट भेजने के लिए लेटर लिखा था. यह सारी जानकारी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जो याचिका दायर की गई है उसके तथ्यों के साथ दी गयी है. नए रूल्स बनाने, नया कानून बनाने, नियमों में संशोधन करने, वेटिंग लिस्ट की वैधता बढ़ाने या किसी भी अन्य प्रकार की छूट देने का अधिकार राज्य सरकार को होता है. भर्ती एजेंसियों को सरकारी विभागों के नियमों, मुख्य सचिव की तरफ से भेजे गए पत्रों के मुताबिक भर्ती पूरी करनी होती है.
सरकार से मांगी अनुमति
याचिकाकर्ता की एडवोकेट श्रुति जैन गोयल की तरफ से बताया कि हरियाणा सरकार ने इस भर्ती की सिलेक्शन लिस्ट और वेटिंग लिस्ट की वैधता 31 अक्तूबर, 2025 तक बढ़ाई हुई है. उनका कहना है कि कौशल विकास एवं आईटीआई विभाग ने दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी करने के लिए मुख्य सचिव को प्रस्ताव भेजकर सरकार से आज्ञा मांगी थी. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से अनुमति मिलने के बाद मुख्य सचिव ने 17 जनवरी 2025 को विभाग के पास अनुमति भेज दी.
19 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
कौशल विकास विभाग ने 22 जनवरी, 2025 को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को इंस्ट्रक्टर के 165 पदों के लिए दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी करने का आग्रह पत्र भेज दिया था. 7 महीने हो चुके है, इसके बावजूद भी दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी नहीं हुई तो दूसरी वेटिंग लिस्ट में आने की संभावना रखने वाले उम्मीदवारों में से सात ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी. इस याचिका पर एक सुनवाई हो चुकी है और अगली सुनवाई के लिए 19 अगस्त 2025 की तारीख निर्धारित की गई है. अगली सुनवाई में सरकारी वकील की तरफ से हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग का पक्ष पेश किया जाएगा.
