झज्जर | खेल मैदान से हरियाणा के लिए एक और गौरवमई खबर सामने आई है. 19 वर्षीय बेटी तपस्या गहलावत ने बुल्गारिया के सोफिया में आयोजित U- 20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में 57 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है. फाइनल मुकाबले में उन्होंने नॉर्वे की फेलिसिटास डोमाजेवा को 5- 2 से हराकर हिंदुस्तान की झोली में स्वर्ण पदक डाला. इस जीत के साथ ही तपस्या भारतीय महिला कुश्ती में एक नई सनसनी बनकर उभरी है.
साधारण किसान परिवार से पृष्ठभूमि
झज्जर जिले के गांव खानपुर कलां की रहने वाली तपस्या गहलावत एक बेहद ही साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखती है. छोटी उम्र से ही तपस्या में कुश्ती के प्रति जुनून दिखाई देने लगा था और उनके परिवार ने इस जुनून को पहचानकर उन्हें प्रोत्साहित किया. पारंपरिक मिट्टी के अखाड़े से अपने खेल की शुरुआत करने वाली तपस्या की प्रतिभा को कोच और परिवार ने जल्दी पहचान लिया. उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण के लिए प्रेरित किया. उन्होंने बचपन में ही कुश्ती की बारिकियों को सीखना शुरू कर दिया था. जल्द ही, उन्हें जूनियर स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का मौका मिलने लगा.
कोच युद्धवीर राणा ने बताया कि बुल्गारिया में आयोजित प्रतियोगिता में तपस्या ने गोल्ड मेडल जीतकर सभी को गौरवान्वित किया है, लेकिन उनका यह सफर इतना आसान नहीं रहा. तपस्या के सामने सबसे तगड़ी चुनौती सेमीफाइनल मुकाबले में थी, जहां उनका सामना जापान की अपराजेय चैंपियन सोवाका उचिदा से हुआ था, लेकिन आखिरी क्षणों में तपस्या ने उन्हें 4- 3 से हराकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया. फाइनल में नॉर्वे की फेलिसिटास डोमजेवा को 5- 2 से हराकर तपस्या ने सोने का ताज पहना.
आगे की तैयारी
तपस्या क्रोएशिया के जाग्रेब में होने वाली सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय टीम का हिस्सा होंगी. इससे पहले तपस्या साल 2024 में जयपुर में आयोजित हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में रजत और बैंकॉक में आयोजित एशियाई U- 20 चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुकी है. इसके अलावा, देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय खेल और बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया है.
