गुरुग्राम | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से गुरुग्राम के बीच ट्रैफिक संचालन को सुगम बनाने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में AIIMS से गुरुग्राम तक महिपालपुर होते हुए नए एक्सप्रेसवे के निर्माण की योजना बनाई गई है, जिसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने पर काम शुरू हो गया है.
भूमिगत और एलिवेटेड होगा एक्सप्रेसवे
DPR में व्यवहार्यता रिपोर्ट दी जाएगी और यह स्पष्ट किया जाएगा कि यह एक्सप्रेसवे किस जगह पर भूमिगत और कहां एलिवेटेड बनाना होगा. चर्चा हैं कि एम्स से महिपालपुर तक का हिस्सा भूमिगत और बाकी हिस्सा एलिवेटेड बनाया जाएगा. DPR तैयार होने के बाद इस चर्चा पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.
वर्तमान समय की बात करें तो एम्स से गुरुग्राम के सिरहौल बार्डर तक पहुंचने में लगभग 90 मिनट का समय लगता है. गुरुग्राम- फरीदाबाद रोड तक पहुंचने में 2 घंटे का समय लग जाता है. इस एक्सप्रेसवे की बदौलत इस सफर को लगभग आधे घंटे में पूरा किया जा सकेगा. इससे सिरहौल बॉर्डर से महिपालपुर तक दिल्ली- गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक जाम कम करने में मदद मिलेगी. इससे लोगों का समय बचेगा और प्रदुषण स्तर घटाने में सहायता मिलेगी.
पूरे प्रोजेक्ट पर एक नजर
- 35 किलोमीटर लंबे इस सिग्नल फ्री एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य पर अनुमानित लागत 5 हजार करोड़ रुपए आंकी गई है. इस एक्सप्रेस-वे के भूमिगत और एलिवेटेड दोनों हिस्से सिक्स लेन बनेंगे.
- यह घाटा गांव के सामने गुरुग्राम- फरीदाबाद मार्ग से जुड़ेगा.
- दिल्ली की सीमा में यह एक्सप्रेसवे IGI एयरपोर्ट की ओर जाने वाली मुख्य सड़कों से जुड़ेगा.
- यह एक्सप्रेसवे खासकर एम्स और गुरुग्राम के बीच ट्रैफिक संचालन को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगा.
- यह एक्सप्रेवे गुरुग्राम सहित कई इलाकों में IGI एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी में सुधार करेगा.
सीधी कनेक्टिविटी
नया एक्सप्रेसवे गुरुग्राम- फरीदाबाद रोड से जुड़ा होगा. यह रोड, घाटा गांव के पास दक्षिणी परिधीय सड़क (SPR) से जुड़ता है, जो आगे चलकर दिल्ली- गुरुग्राम एक्सप्रेसवे और द्वारका एक्सप्रेस-वे से जुड़ता है. गुरुग्राम- सोहना हाईवे वाटिका चौक से होकर गुजरता है, जो आगे चलकर सोहना से ठीक पहले अलीपुर गांव के पास दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ता है.
