नई दिल्ली | केंद्र की मोदी सरकार आमजन की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दृष्टि से कई तरह की कल्याणकारी योजनाएं चला रही है. इन योजनाओं का फायदा किसानों और मजदूरों से लेकर छोटे व्यापारियों और कामगारों को मिल रहा है. इसी कड़ी में गत वर्ष एक स्पेशल योजना को लागू किया गया था, जिसमें लोगों को अपने हुनर को निखारने का प्रशिक्षण दिया जाता है और नाममात्र ब्याज दर पर लोन की सुविधा मिलती है.
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना
इस योजना को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना नाम दिया गया है, जिसका मकसद उन लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है, जो पारंपरिक काम जानते हैं. सरकार चाहती है कि ये लोग अपने हुनर का स्तर बढ़ाते हुए खुद का काम शुरू करे और आत्मनिर्भर बनकर खुद की आर्थिक स्थिति मजबूत करें.
इस योजना को उन कारीगरों और शिल्पकारों के लिए शुरू किया गया है, जो किसी पारंपरिक काम से जुड़े हुए हैं. उन्हें इस योजना के माध्यम से प्रशिक्षण और आर्थिक मदद दी जाती है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन वजीफा राशि का लाभ मिलता है और प्रशिक्षण पूरा होने पर 15 हजार रुपए तक का टूल किट भी दिया जाता हैं, ताकि वह अपने काम के लिए जरूरी औजार खरीद सकें. उन्हें 1 लाख रुपए तक का पहला लोन और फिर 2 लाख रुपए की धनराशि दूसरे लोन के रूप में दी जाती है. इस लोन राशि पर मात्र 5% ब्याज दर लगती है. सामान्य तौर पर बैंकों में यह ब्याज दर 10- 12% तक होती है.
इन्हें मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत बढई, लोहार, सुनार, कुम्हार, राजमिस्त्री, मोची, दर्जी, नाई, बुनकर, हथकरघा बुनकर, टोकरी बनाने वाले, मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले, चर्मकार, ताला- चाबी बनाने वाले, नाव बनाने वाले, पत्थर तराशने वाले और खिलौने या सजावटी सामान बनाने वाले कारीगरों और शिल्पकारों को लोन दिया जाता है.
इस योजना का लाभ उठाने के लिए नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और अपने काम का प्रमाण पत्र जरूरी है. आवेदन के बाद सरकार द्वारा जांच की जाती है और पात्र लोगों को प्रशिक्षण और लोन राशि का लाभ मिलता है.
