भिवानी | हरियाणा में किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि जिला प्रशासन और किसानों के बीच कपास की सरकारी खरीद शुरू करने को लेकर सहमति बन गई है. सोमवार को जिला डीसी साहिल गुप्ता और किसान संगठनों के बीच एक बैठक हुई थी, जिसमें 1 नवंबर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कपास खरीदने का फैसला लिया गया है.
कई अन्य मांगों पर मिला आश्वासन
जिला उपायुक्त के साथ हुई बैठक में किसान संगठनों ने 3 दर्जन से ज्यादा गांवों में बाढ़ और जलभराव की निकासी का मुद्दा उठाया. किसानों ने कहा कि जब तक खेतों से पानी नही हटेगा, रबी सीजन की फसलों गेहूं और सरसों आदि की बिजाई संभव ही नहीं है. उन्होंने प्रशासन से जल्द- से- जल्द जल निकासी के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की.
किसान संगठनों ने बाजरा, कपास, मूंग और धान की MSP पर सरकारी खरीद सुनिश्चित करने, मांग के अनुसार DAP और यूरिया खाद की उपलब्धता करवाने तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग उठाई. बाढ़ प्रभावित गांवों में 200 दिन मनरेगा काम को 600 रुपये प्रतिदिन की दर से तुरंत लागू करने और 350 करोड़ रुपये के बीमा फ्रॉड की जांच कर किसानों को ब्याज सहित पूरा पैसा लौटाने की भी मांग की गई है.
डीसी ने दिया ठोस आश्वासन
किसान संगठनों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जिला उपायुक्त साहिल गुप्ता ने सभी विभागीय अधिकारियों को किसानों और मजदूरों से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि किसानों की अधिकांश मांगों को पूरा करने पर सहमति जताई गई है और 1 नवंबर से कपास की सरकारी खरीद शुरू कर दी जाएगी.
