चंडीगढ़ | हरियाणा में डिजिटाइजेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सूबे की नायब सैनी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. हरियाणा दिवस यानि 1 नवंबर से प्रदेश की सभी तहसीलों में रजिस्ट्री पेपरलेस हो जाएगी. सरकार ने कुरूक्षेत्र जिले की बाबैन तहसील से पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत की थी, अब इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है. रजिस्ट्री के साथ ही इंतकाल भी होंगे और इसके लिए अब लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा.
प्रदेश में सालभर में करीब 7 लाख रजिस्ट्री होती हैं. सभी लंबित इंतकाल मामलों का निपटान इस सप्ताह के आखिर तक कर दिया जाएगा. विभाग सत्यापन नियम की समीक्षा कर रहा है इसके बाद ऑटो-म्यूटेशन सिस्टम लागू किया जाएगा. इससे स्वामित्व हस्तांतरण स्वतः रिकॉर्ड हो सकेगा और देरी तथा विवाद की संभावना खत्म हो जाएगी.
हरियाणा ई- गवर्नेस पेमेंट गेटवे
मैनुअल फीस कलेक्शन की जगह अब सभी भुगतान केवल सरकारी ई- गवर्नेस पेमेंट गेटवे के माध्यम से होंगे. अब केवल पोर्टल द्वारा तैयार की गई ऑनलाइन डीड ही कानूनी मान्यता प्राप्त होगी. इन डीड्स को भूमि अभिलेखों से स्वतः सत्यापित किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित किया जाएगा. डिजिटल रूप में किए गए बदलाव का उद्देश्य, कार्यक्षमता के साथ-साथ पारदर्शिता और नागरिक सुविधा को बढ़ाना है. जल्द ही सभी तहसील कार्यालयों में QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम शुरू किया जायेगा.
क्या होता है इंतकाल?
जमीन के मालिकाना हक में बदलाव होने पर उसे सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कराने को इंतकाल कहते हैं. जब जमीन किसी को बेची जाती है, गिफ्ट की जाती है, विरासत में मिलती है, किराए पर दी जाती है या मालिक की मौत के बाद वारिस को ट्रांसफर होती है, तब इंतकाल कराया जाता है. यह जमीन की डीलिंग्स, कानूनी पालन, सटीक और अपडेट जमीन के रिकॉर्ड बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
