चंडीगढ़ | हरियाणा में बाढ़ और बारिश से फसलों में हुए नुकसान के लिए मुआवजा राशि का इंतजार कर रहे किसानों को अभी और इंतजार करना होगा. मिली जानकारी के अनुसार, कुछ जिलों में गिरदावरी के काम में गड़बड़ी आने के बाद अब दोबारा से जांच के आदेश दिए गए हैं.
दोबारा से क्रॉस जांच के आदेश
सोमवार तक मुख्यालय ने इसकी रिपोर्ट मांगी है. इस रिपोर्ट के बाद ही अब मुआवजे का फैसला हो सकेगा. हरियाणा राजस्व एवं आपदा विभाग ने फतेहाबाद सहित अन्य 2- 3 जिलों में रेडंम डाटा की जांच की हैं. यहां बुवाई से अधिक फसलों के नुकसान का ब्योरा सामने आया है, जिसके बाद दोबारा से क्रॉस जांच के आदेश दिए गए हैं.
मुख्यालय ने यह भी हिदायत दी है कि अगली बार कोई गलती नहीं होनी चाहिए क्योंकि दोबारा से इसी तरह से जांच होगी और जो भी इन गलतियों के लिए जिम्मेदार होंगे उनके खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
सरकार को भेजी जाएगी रिपोर्ट
हाल ही में अंतिम गिरदावरी और सत्यापन के कार्य में करीब 11 लाख एकड़ में नुकसान का आंकलन किया गया था. इस नुकसान के मुआवजे के लिए करीब 600 से 800 करोड़ रुपए की जरूरत का अनुमान लगाया गया था. अब असल स्थिति दोबारा से जांच के बाद ही पता चलेगी. हरियाणा भू- रिकॉर्ड के महानिदेशक डॉ यशपाल ने बताया कि सोमवार तक क्रॉस जांच की रिपोर्ट मांगी गई है. यह रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी और इसी रिपोर्ट के आधार पर किसानों को मुआवजा राशि का लाभ दिया जाएगा.
