चंडीगढ़ | हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में विधानसभा के लिए नया भवन बनाने का मुद्दा लगभग समाप्त हो गया है. सरकार जमीन के बदले जमीन देने की बात कर रही थी, जिसे चंडीगढ़ प्रशासन ने यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि यूटी मास्टर प्लान- 2031 में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. आज तक जमीन के लिए कभी भी अदला बदली नीति का इस्तेमाल नहीं किया है.
जानें पूरा मामला
हरियाणा विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने 2022 की शुरुआत में चंडीगढ़ में नये भवन के लिए जमीन की मांग की थी. तब यूटी प्रशासन ने हरियाणा सरकार को तीन जगहों पर जमीन की पेशकश की थी, आईटी पार्क के पास, मनीमाजरा के कलाग्राम के पास और रेलवे लाइट पाइंट से आईटी पार्क तक जाने वाली सड़क पर.
ज्ञानचंद गुप्ता ने तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ दौरे के बाद जून 2022 में रेलवे लाइट पाइंट से आईटी पार्क तक जाने वाली सड़क पर 10 एकड़ जमीन फाइनल की थी. इसके बदले हरियाणा ने चंडीगढ़ प्रशासन को पंचकूला जिले के सकेतड़ी में 12 एकड़ जमीन की पेशकश की थी. यूटी प्रशासन ने कई कारणों से इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था.
प्रस्ताव पर रोक
पंजाब में आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले विवाद से बचने के लिए गृह मंत्रालय ने चंडीगढ़ में अलग विधानसभा भवन बनाने के लिए हरियाणा सरकार के प्रस्ताव पर रोक लगा दी है. सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह के सामने यह मुद्दा उठाया था, जिन्होंने यह स्पष्ट रूप से कहा है कि चंडीगढ़ प्रशासन के साथ इस परियोजना को आगे ना बढ़ाया जाए.
