चंडीगढ़ | हरियाणा में ग्रुप सी की नौकरियों के लिए हुई सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) का रिजल्ट घोषित होने के बाद अब इसके अगले चरण की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. अगले चरण में अब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की तरफ से सीईटी स्कोर के आधार पर उम्मीदवारों की शार्ट लिस्टिंग होगी. उसके बाद, डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन का काम किया जाएगा और सबसे बाद में मेडिकल टेस्ट कराया जाएगा.

भर्ती प्रक्रिया का शुरुआती चरण
इन चरणों के अतिरिक्त हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग किसी भी पद के लिए अलग से लिखित परीक्षा या स्किल टेस्ट भी करवा सकता है, मगर इसकी संभावना बहुत ज्यादा नहीं है. सीईटी पास करना पूरी भर्ती प्रक्रिया का मात्र शुरुआती चरण है. सीईटी पास करने के बाद भी सरकारी नौकरी की गारंटी नहीं है, मगर यह टेस्ट पास करने वाले उम्मीदवार अपनी स्कोर रैंकिंग के आधार पर नौकरियों की प्रतिस्पर्धा में जरूर शामिल हो चुके है.
5 सालों में 2 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा
हरियाणा में इस वक़्त लगभग 2 लाख 55 हजार सरकारी पद रिक्त चल रहे हैं. पिछली भाजपा सरकार लगभग पौने दो लाख सरकारी नौकरियां दें चुकी है और 25 हजार से ज्यादा नौकरियां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दायित्व संभालते ही दी थी. लगभग 2 लाख सरकारी नौकरियां दे चुकी भाजपा सरकार ने इन 5 सालों में 2 लाख सरकारी नौकरियां और 5 लाख युवाओं को अन्य रोजगार देने का वादा किया था.
3 साल के लिए वैलिड रहेगा स्कोर
नवंबर 2024 में विधानसभा के शीतकालीन सेशन में अपने अभिभाषण के दौरान तत्कालीन राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने हरियाणा सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए ऐलान किया था कि सीईटी पास युवाओं को अगर एक साल तक सरकारी नौकरी नहीं मिलती है, तो अगले 2 साल तक उन्हें 9 हजार रुपये मासिक भत्ता दिया जाएगा. सीईटी परीक्षा का रिजल्ट सरकारी नौकरियों के लिए तीन साल तक वैलिड होता है.
जल्द शुरू होगी प्रक्रिया
हरियाणा सरकार की तरफ से कर्मचारी चयन आयोग के पास अब भर्तियों की मांग भेजी जाएगी, जिसके बाद सरकारी भर्तियों की प्रोसेस को शुरू किया जाएगा. पहले साल में जितने अभ्यर्थी नौकरियां हासिल कर लेंगे, उनकी बल्ले- बल्ले है, जबकि बाकी बचे अभ्यर्थियों को नौकरियां मिलने तक अगले 2 साल 9 हजार रुपये भत्ता दिया जाना है, जिसकी प्रक्रिया अभी शुरू की जानी शेष है. सरकार की तरफ से अभी इसके नियम और दिशा निर्देश तय नहीं किए हैं.