चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) ने राशन डिपो धारकों के लिए बड़ा बदलाव किया है. प्रदेश सरकार ने सरकारी राशन डिपो धारको को 10,000 नई 5G आधारित प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें देने का फैसला किया है. हरियाणा खाद्य व आपूर्ति विभाग की तरह से इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए 100 करोड़ रुपए का टेंडर भी जारी कर दिया है. इसके बाद, विभाग की तरफ से आगे की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी.
5G मशीन में मिलेगी यह सुविधांए
डिपो धारकों को पिछले कई महीनों से 2 G मशीनों में धीमी नेटवर्क स्पीड, सॉफ्टवेयर अपडेट व बैटरी खराब जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. इससे प्रत्येक आदमी को राशन देने में 15 से 30 मिनट का समय लगता था. इन समस्याओं को देखते हुए सरकार ने नई 5G मशीनों की खरीद के लिए मंजूरी दी है. 5G मशीनों में फेस रीडिंग और ई- तौल की दो नई सुविधाएं मिलेगी.
नए साल पर होगी उपलब्ध
जनवरी में इन्हें प्रदेशभर के डिपो धारकों तक पहुंचाना शुरू कर दिया जाएगा. नई मशीनों की देखरेख, मरम्मत और अन्य सभी जिम्मेदारी अगले 5 साल तक टेंडर लेने वाली कंपनी की रहेगी. इन नई 5G मशीनों में 2 प्रमुख विशेषताएं होगी. यह मशीनें फिंगरप्रिंट स्कैनर के साथ- साथ आइरिश स्कैनर से भी लैस होंगी, जिससे लाभार्थी की पहचान अब उनकी आंख की पुतली या चेहरे को स्कैन करके भी की जा सकेगी. इससे उन बुजुर्गों या बच्चों को राहत मिलेगी जिनके फिंगरप्रिंट घिस गए है.
डिपो में पहले से चलने वाली मशीनों का किराया महीने का 1250 रुपए है. इन मशीनों में सिर्फ बायोमीट्रिक सुविधा है, जबकि नई 5 G मशीनों में बायोमीट्रिक, फेस रीडिंग व ई- माप की सुविधा होने के चलते किराय में वृद्धि तय हैं. इसका मासिक किराया 500 से 700 रुपए अधिक हो सकता है. टेंडर होने के बाद ही किराये की दर तय होगी.
