चंडीगढ़ | केंद्रीय बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की तरफ से मंगलवार को नया नोटिफिकेशन जारी किया गया है. इस नई अधिसूचना के मुताबिक, अब साइंस का पेपर 3 सेक्शन और सोशल साइंस का पेपर 4 सेक्शन में बाँटा जाएगा. स्टूडेंट्स को उत्तर पुस्तिका भी इन्हीं सेक्शनों में बांटकर लिखनी होगी, नहीं तो मिलेजुले जवाब चेक नहीं होंगे.

साल में दो बार होगी परीक्षा
CBSE पिछले एक साल में 5 से 6 नोटिफिकेशन जारी कर चुका है, जिसके मुताबिक 2026 में होने वाले बोर्ड एग्जाम में कई बदलाब लागू होंगे. इसमें पहली बार छात्रों को साल में दो बार बोर्ड परीक्षा देने का अवसर मिलेगा. नए पैटर्न में 50% प्रश्न कंपिटेंसी-बेस्ड रहेगा, यानी रटने की अपेक्षा अवधारणा और समझ पर बल दिया जाएगा. अगर नए सभी बदलावों की बात करें, तो साइंस पेपर में 3 पोरशन होंगे.
अनिवार्य होगी फरवरी की परीक्षा
सेक्शन A बायोलॉजी, सेक्शन B केमिस्ट्री, सेक्शन फिजिक्स. सोशल साइंस पेपर में 4 हिस्से रहेंगे, जिसमें सेक्शन A हिस्ट्री, सेक्शन B जियोग्राफी, C पॉलिटिकल साइंस व D इकोनॉमिक्स रहेगा. फरवरी की परीक्षा कंपल्सरी होगी. इंप्रूवमेंट एग्जाम (मई) ऑप्शनल होगा. स्टूडेंट्स अधिकतम 3 विषय के पेपर फिर से दे सकेंगे. रिजल्ट में सबसे अच्छे अंक जुड़ेंगे. प्रैक्टिकल परीक्षा फरवरी में ही छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका को भी इन्हीं सेक्शनों (3 या 4) में बांटना होगा. अगर छात्र ने एक सेक्शन का उत्तर किसी दूसरे सेक्शन में लिख दिया, तो उत्तर की जांच नहीं होगी.
9 अलग- अलग ग्रेड
छात्रों की ऐसी गलती रिवैल्यूएशन में भी नहीं जाएगी. उस उत्तर को हल नहीं श्रेणी में रखा जाएगा. कक्षा 9वीं और 10वीं में में कम- से- कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रहेगी. इसके बाद, छात्र बोर्ड परीक्षा देने के योग्य माने जाएंगे. 2026 से बोर्ड एक 9- पॉइंट ग्रेडिंग स्केल लागू करने जा रहा है. इसमें छात्रों को अंकों के आधार पर A1 से लेकर तक 9 अलग- अलग ग्रेड दिए जाएंगे.
फेल होने पर नहीं दे पाएंगे परीक्षा
छात्र फरवरी के मेन एग्जाम के आधार पर 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन ले पाएंगे. इंप्रूवमेंट एग्जाम के रिजल्ट आने के बाद एडमिशन कन्फर्म रहेगा. पेपर में 50% प्रश्न कंपिटेंसी बेस्ड (MCQ, केस-स्टडी, डेटा-बेस्ड), 20% प्रश्न ऑब्जेक्टिव और 30% प्रश्न शॉर्ट और लॉन्ग आंसर रहेंगे. यदि फरवरी वाले एग्जाम में 1-3 विषय में फेल होते हैं, तो मई में केवल उन विषयों को दे सकेंगे. यदि कोई स्टूडेंट 3 से ज्यादा विषयों में फेल है, वह मई के लिए पात्र नहीं होगा. यदि छात्र फरवरी एग्जाम में 3 से ज्यादा विषयों में अनुपस्थित है, तो वह मई का एग्जाम नहीं दे सकेंगे.