नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की लाइफलाइन मानी जाने वाली मेट्रो के विस्तार में जुड़ी बड़ी खुशखबरी सामने आई है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में दिल्ली मेट्रो के विस्तार के तहत Phase- 5A को मंजूरी प्रदान की गई है. इस विस्तार से और ज्यादा लोगों तक मेट्रो की पहुंच होगी जो उनके आरामदायक सफर की गवाह बनेगी.
अतिरिक्त दूरी तय करने से मिलेगा छुटकारा
दिल्ली मेट्रो के इस नए चरण में 3 नए रूट विकसित किए जाएंगे, जिससे नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और दिल्ली स्थित IGI एयरपोर्ट के बीच आवागमन पहले से ज्यादा बेहतर हो जाएगा. इस विस्तार का तगड़ा फायदा यह मिलेगा कि लोगों को अब लंबी और घूमावदार दूरी तय करने से छुटकारा मिलेगा. इससे कम समय में सफर तय हो सकेगा और यात्रा करने में सुविधा होगी.
इन कॉरिडोर पर मेट्रो सेवा शुरू होने पर नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों से IGI एयरपोर्ट तक सीधी और आसान पहुंच संभव हो सकेगी. इससे न केवल प्रतिदिन सफर करने वालों को राहत पहुंचेगी बल्कि व्यवसायिक और इंटरनेशनल यात्राओं के लिए भी यह कनेक्टिविटी बेहद उपयोगी साबित होगी.
एयरपोर्ट तक आसान होगी पहुंच
वर्तमान में गोल्डन लाइन के लगभग 24 किलोमीटर हिस्से पर तेजी से काम चल रहा है. इस रूट पर कुल 15 स्टेशन बनाए जा रहे हैं. योजना के तहत, एरोसिटी से IGI एयरपोर्ट T- 1 तक 2.3 किलोमीटर लंबा भूमिगत कॉरिडोर प्रस्तावित है, जिससे एयरपोर्ट तक पहुंच और अधिक सुगम होगी. तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाएगा, जो दक्षिणी दिल्ली और NCR के बीच आवाजाही को बेहतर बनाएगा.
Phase-5A के तहत एरोसिटी मेट्रो स्टेशन को एक बड़े इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा. वर्तमान में एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर द्वारका सेक्टर-21 और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के बीच कोई बड़ा इंटरचेंज स्टेशन मौजूद नहीं है. एरोसिटी के इंटरचेंज बनने से दक्षिणी दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम से आने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट और अन्य मेट्रो लाइनों तक सीधी कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा. इससे हौज खास जैसे अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले स्टेशनों से यात्रियों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी.
ट्रैफिक दबाव होगा कम
वहीं, तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण भी गोल्डन लाइन का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा. इस कॉरिडोर को Phase- 4 की परियोजनाओं के साथ ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. Phase- 4 और Phase- 5A की सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने पर दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का दायरा बढ़कर 500 किलोमीटर से ज्यादा हो जाएगा. इससे NCR के ज्यादातर इलाकों तक मेट्रो सुविधा उपलब्ध होगी तो लोगों का सफर आरामदायक हो जाएगा. वहीं, दूसरी ओर सड़कों से ट्रैफिक दबाव कम करने में बड़े स्तर पर मदद मिलेगी.
