पंचकूला | हरियाणा में नगर निगम चुनावों को लेकर सुगबुगाहट शुरू ही हुई थी कि पंचकूला में वार्डबंदी को लेकर कांग्रेस पार्टी ने इसे असंवैधानिक, नियमों के खिलाफ और मनमाना ठहराते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है. इसके बाद शहर का राजनीतिक पारा चढ़ गया है और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
पंचकूला में कांग्रेस ने जड़े आरोप
हाईकोर्ट में दायर याचिका में कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार ने हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट-1994 के प्रावधानों की अनदेखी करते हुए वार्डों का पुनः सीमांकन कर दिया, जबकि कानून इसकी इजाजत नहीं देता. कांग्रेस का कहना है कि नियमानुसार किसी भी नगर निगम में वार्डबंदी में बदलाव तभी किया जा सकता है, जब निगम की सीमाओं में कोई नया क्षेत्र जोड़ा गया है या कोई क्षेत्र बाहर किया गया है.
कांग्रेस पार्टी ने दावा करते हुए कहा कि पंचकूला नगर निगम की भौगोलिक सीमाओं में कोई बदलाव नहीं हुआ लेकिन इसके बावजूद भी सरकार ने पूरी वार्डबंदी बदल दी. पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ और राजनीतिक लाभ के लिए किया गया प्रयोग करार दिया है. कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि यह सब कुछ आने वाले नगर निगम चुनावों को प्रभावित करने की नीयत से किया गया है. याचिका में कांग्रेस ने न सिर्फ मौजूदा वार्डबंदी पर आपत्ति जताई है बल्कि 20 वार्डों का नया प्रस्तावित स्वरूप भी अदालत के सामने रखा है.
चुनाव पर संकट के बादल
इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक एक्सपर्ट का कहना है कि यदि हाईकोर्ट ने वार्डबंदी प्रकिया पर सवाल खड़े किए या हरियाणा सरकार से जवाब- तलब किया तो नगर निगम चुनावों की समय- सीमा प्रभावित हो सकती है और सरकार को पूरी वार्डबंदी प्रकिया को नए सिरे से करना पड़ सकता है.
