झज्जर | हरियाणा के झज्जर जिले की बेटी अक्षिता धनखड़ का नाम आज पूरे देश में गूंज रहा है. अक्षिता धनखड़ भारतीय वायुसेना की फ्लाइट लेफ्टिनेंट है जो राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू के साथ 77वें गणतंत्र दिवस परेड पर राष्ट्रीय ध्वज लहराने वाली है. यह बहुत बड़ा अवसर होता है जो मुश्किल से कम लोगों को मिलता है. अक्षिता धनखड़ की कहानी गांव की गलियों से निकलकर आज इतने बड़े मंच पर पहुंची है. यह अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है.
झज्जर की बेटी का सपना
अक्षिता धनखड़ का जन्म हरियाणा के कासनी गांव में हुआ था. बचपन से ही उसने गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड देखी थी और वह भी ये सपना देखती थी. उनके पिता ने भी गणतंत्र दिवस की परेड में हिस्सा लिया था. उनकी ही कहानियां ने अक्षिता के मन में वर्दी की चाह जगाई थी. उन्होंने खुद इस बात की पुष्टि की है कि उनकी बचपन की यादें ही उनके करियर का माध्यम बनी है जो आज वह इस पद पर है.
NCC से मिली मजबूत नींव
अक्षिता ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज में पढ़ाई की है. वहां कॉलेज में उसने NCC में हिस्सा लिया था. NCC भारत का सबसे सबसे बड़ी युवा संस्था है जो अनुशासन और सेवा की भावना सिखाती है. अक्षिता ने अपनी मेहनत से कैडेट सर्जेंट मेजर (CSM) का रैंक हासिल किया है. उनकी NCC यूनिट ने उन्हें X – CSM कहकर याद किया, क्योंकि उन्होंने साथी कैडेट्स को एक उदाहरण से प्रेरित किया. NCC की मिलट्री जैसी ट्रेनिंग ने उसे शारीरिक और मानसिक रूप से सेना के लायक बनाया.
अक्षिता ने एक इंटरव्यू देते हुए बताया कि यह उनके लिए बड़े गर्व की बात है, कि उनको देश की राष्ट्रपति के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अवसर मिला है. यह पल यादगार रहेगा. उनकी मां ने भी इसे बेहद ही सम्मानजनक पल कहा. राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद 27 तोपों की सलामी भी दी जाएगी.
