चंडीगढ़ | केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026- 27 पेश कर दिया है जिसमें उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने, रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया. वे लगातार 9वां बजट पेश करने वाली पहली वित्त मंत्री रही है. इस बजट की खास बात यह है कि यह बजट रविवार को पेश किया है जोकि अपने आप में ऐतिहासिक रहा है.
यह बजट हरियाणा की औद्योगिक व्यवस्था के लिए भी फायदेमंद साबित होगा. इसमें 10 हजार करोड़ रुपए के MSME ग्रोथ फंड, सरकारी खरीद में MSME की भागीदारी, टैक्सस्टाइल के क्षेत्र में नई स्कीमों को लान्च करना और माइक्रो इंटरप्राइजेज को लिक्विड के रूप में सपोर्ट देने जैसे फैसले राज्य की छोटे और नए उद्योगों के लिए बड़ी राहत भरे रहने वाले है.
हरियाणा को मिला टर्निंग प्वाइंट
राज्य के MSME के लिए सबसे बड़ी चुनौती लंबे समय से वर्किंग कैपिटल की कमी, महंगे कर्ज और बैंकों की कठिन शर्ते रही है. नया ग्रोथ फंड MSME की इस समस्या को काफी हद तक कम करने में कारगर साबित होगा. उद्योगपतियों के अनुसार इससे छोटे यूनिट्स मीडियम लेवल तक पहुंच सकेंगे जो आने वाली युवा पीढ़ी को रोजगार दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी. इससे हरियाणा देश का पहला मैन्यूफैक्चरिंग हाऊस बनेगा.
इन सेक्टर पर पड़ेगा सीधा प्रभाव
बजट में MSME की सरकारी खरीद में भागीदारी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, ताकि उन इकाइयों को फायदा मिल सके, जो बड़े कॉर्पोरेट्स की तुलना में पिछे रह जाती है. अब हरियाणा मैं आटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग गुड्स और इलक्ट्रॉनिक से जुड़ी MSME इकाईयां सरकारी टैंडर से जुड़कर सीधा सामान खरीद सकती है. इससे कैस लिक्विडिटी बढ़ेगी और उत्पादन क्षमता में सुधार होगा.
टैक्सटाइल क्षेत्र को फायदा
केंद्रीय बजट में टैक्सटाइल क्षेत्र के लिए 3 बड़ी सौगातें दी गई है, जिसमे नेशनल फाइबर स्कीम, मैन मेड फाइबर स्कीम और एडवांस्ड फाइबर स्कीम शामिल है. इसके साथ ही, नेशनल हैंडलूम पॉलिसी के माध्यम से कारीगरों और बुनकरों को वित्तीय सहायता देने की बात कही है. इसका सबसे ज्यादा फायदा पानीपत टैक्सटाइल हब को मिलने वाला है.
निजी निवेश में पहले से अधिक भरोसा
बजट के दौरान निजी कंपनियां या फर्म्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की घोषणा की गई है जिसमें सरकार आंशिक गारंटी देगी. यह कदम खासतौर पर हरियाणा जैसे औद्योगिक राज्यों के लिए महत्वपूर्ण है जहां निजी निवेशक जोखिम को लेकर बड़े सतर्क रहते है.
रियल एस्टेट में रिप्साइक्लिंग
रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी से शहरीकरण और निर्माण गतिविधियों के चलते इसका दबाव पर्यावरण पर बढ़ रहा है. इसके लिए रियल एस्टेट सेक्टर में रिप्साइक्लिंग और सस्टेनेबल डिवैल्पमेंट को बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है. रिप्साइक्लिंग से पर्यावरण- अनुकूल विकास को बढ़ावा मिलेगा और गुरुग्राम, सोनीपत और फरीदाबाद में यह नीति सस्टेनेबल अर्बन डिवैल्पमेंट की दिशा में अहम साबित हो सकती है.
प्रोफैशल स्पोर्ट और स्किलस
केंद्रीय बजट के दौरान शॉर्ट टर्म मॉड्यूलर कोर्स डिजाइन करने और टियर 2 व टियर 3 शहरों तक ट्रेनिंग पहुंचाने पर भी चर्चा की गई है. जिसका सीधा लाभ हरियाणा की युवा पीढ़ी को मिलेगा. इसके अलावा, नए फंड से हरियाणा के मैन्युफैक्चरिंग और टैक्नोलॉजी हब बनने का सुनहरा अवसर है जिससे युवाओं को उनकी स्किल के हिसाब से जॉब मिलेगी.
