चंडीगढ़ | हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ के सेक्टर 53 में लंबे समय से अटकी हाउसिंग योजना को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है. दरअसल, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) यहां स्वयं मकान निर्माण नहीं करेगा, बल्कि लगभग 9 से 10 एकड़ जमीन निजी बिल्डरों को नीलाम की जाएगी. यह पहली बार होगा जब CHB अपनी स्कीम बनाने की जगह जमीन निजी बिल्डरों को देगा.
करीब 21 एकड़ में फैला सेक्टर 53
चंडीगढ़ प्रशासन ने यहां 372 फ्लैट बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन निर्माण लागत बढ़ने और तकनीकी अड़चनों के चलते हाउसिंग बोर्ड खुद इस प्रोजेक्ट को आगे नहीं बड़ा पाया. अब निजी बिल्डर यहां हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाएगा और फ्लैट खुले बाजार में बेचेगा. प्रशासन का मानना है कि जितनी ऊंची इमारतें बनेगी, उतने ही ज्यादा फ्लैट होंगे और कीमत कम होगी, जिससे लोगों को लाभ मिलेगा.
बता दे कि सेक्टर 53 करीब 21 एकड़ जमीन मे फैला है. इसमें से पहले 11 एकड़ जमीन यूटी कर्मचारियों की आवास योजना के लिए तैयार की गई थी. बाकी 9 या 10 एकड़ जमीन को नीलामी करने की प्रक्रिया शुरू होगी. नीलामी से पहले यूटी के चीफ आर्किटेक्ट द्वारा जमीन को अलग- अलग उपयोग के जोन में बांटा जा रहा है, ताकी सभी नियमों के अनुसार प्रोजेक्ट शुरू किए जा सके.
स्कीम छोड़ने की क्या रही वजह
CHB ने उच्च कीमतें, कम लोगों का आवेदन के चलते स्कीम को छोड़ने का फैसला किया. इस योजना के तहत 3BHK फ्लैट की कीमत करीब ढाई करोड़, 2BHK की कीमत करीब 2 करोड़ और EWS फ्लैट की कीमत करीब 1 करोड़ तय की गई थी. इसके अलावा अप्रैल में कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी होना तय है जिससे फ्लैट ओर महंगे होने की उम्मीदें है. इसी वजह से प्रशासन ने इसे लाभदायक ना समझते हुए इसे निजी बिल्डरों को देना उचित समझा. नए फैसले के बाद अब वर्षों से अटकी इस योजना को गति मिलने वाली है.
