चंडीगढ़ | हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की तरफ से 17 अक्टूबर 2024 को ग्रुप सी के 24000 पदों का परिणाम जारी किया गया था. आयोग द्वारा आगे कोई वेटिंग लिस्ट जारी नहीं की गई. ऐसे में उम्मीदवार अदालत पहुंच गए और मामला कोर्ट जा पहुंचा. फिलहाल, हरियाणा सरकार 9 महीने से ग्रुप सी पदों की वेटिंग लिस्ट पर निर्णय नहीं ले सकी है. हाईकोर्ट की ओर से अब अवमानना याचिका पर प्रतिवादी HSSC को फाइनल चांस दिया है.
HSSC ग्रुप C वेटिंग लिस्ट विवाद
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने जब तीन महीने में वेटिंग लिस्ट जारी करने के प्रतिवेदन पर निर्णय नहीं किया तो उम्मीदवारों ने अवम्बनना याचिका दायर कर दी. जिस पर पहली सुनवाई 14 अक्टूबर 2025 को हुए लेकिन 9 महीने बीत जाने के बावजूद सरकार वेटिंग लिस्ट पर फैसला नहीं कर पाई है.
हाईकोर्ट का कहना है कि यदि 07 मई, 2025 के फैसले को लागू नहीं किया तो 20,000 रुपये की लागत लगाई जाएगी. जस्टिस सुदीप्ति शर्मा की खंडपीठ की तरफ से अवमानना याचिका पर 10 फरवरी 2026 को सुनवाई के बाद यह अंतरिम आदेश पारित किया है.
प्रतिवादी ने मांगा कुछ और समय
आदेश के अनुसार ‘प्रतिवादी राज्य के वकील ने लागू करने का शपथ पत्र दायर करने के लिए कुछ और वक्त की मांग की है. ऐसा करने के लिए एकलास्ट अवसर दिया जाता है, ऐसा न करने पर प्रतिवादीगण पर 20,000 रुपये की लागत लगाई जाएगी. उनके अनुरोध पर, यह सुनवाई अब 9 मार्च 2026 तक के लिए टाल दी गई है.’ गौरव एवं अन्य की याचिका पर 7 मई 2025 को सुनाए निर्णय पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने कोई फैसला नहीं किया तो हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है.
जस्टिस जस्टिस सुदीप्ति शर्मा की खंडपीठ द्वारा 14 अक्टूबर 2025 को सुनवाई के बाद यह अंतरिम आदेश पारित किया, ‘यह अवमानना ?? याचिका सीडब्ल्यूपी- 12887- 2025 में इस अदालत द्वारा 07.05.2025 को दिए गए आदेश का पालन न करने के लिए दायर की गई है.
सुनवाई स्थगित
ऐसे में नोटिस जारी किया जाता है. अदालत के पूछने पर प्रतिवादी राज्य की तरफ से हरीश नैन, ए.ए. जी. हरियाणा, नोटिस स्वीकार करते हैं और सीडब्ल्यूपी- 12887- 2025 में इस अदालत द्वारा 07 मई 2025 को दिए गए आर्डर का पालन करने के लिए वक्त मांगते हैं. उनके अनुरोध पर सुनवाई 02 दिसंबर 2025 तक स्थगित की गई.
इसके बाद, जस्टिस सुदीप्ति शर्मा की खंडपीठ ने 16 जनवरी 2026 को सुनवाई के बाद यह अंतरिम आदेश पारित किया, ‘प्रतिवादियों के वकील 14 अक्टूबर 2025 के आदेश का पालन करने के लिए कुछ और टाइम चाहते हैं. फिर यह सुनवाई 10 फरवरी 2026 तक स्थगित कर दी गई.
