ज्योतिष | अप्रैल के दूसरे सप्ताह में ग्रहों की कुछ विशेष स्थिति बनने जा रही है जिसका प्रभाव सभी 12 राशि के जातकों पर दिखाई देने वाला है. 9 अप्रैल को सूर्य और बृहस्पति के बीच एक खास प्रकार का संयोग बनेगा जिसे ज्योतिष में केंद्र दृष्टि योग के नाम से जाना जाता है. आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने वाले हैं.

आमने- सामने सूर्य और बृहस्पति
केंद्र दृष्टि योग के बारे में बातचीत की जाए, तो यह योग तब बनता है जब दोनों ग्रह एक- दूसरे से चौथे या दसवें स्थान पर स्थित होते हैं. इस पोजीशन पर सूर्य आत्मविश्वास ताकत और अहंकार का कारक होता है. बृहस्पति ज्ञान और समझ का कारक होता है. ऐसे में जब भी यह दोनों ग्रह आमने- सामने आते हैं, तो कई बार सोच और फसलों में टकराव की स्थिति भी देखने को मिल सकती है. इसका प्रभाव कुछ राशि के जातकों पर दिखाई देने वाला है, आज हम आपको उसी के बारे में जानकारी देंगे. आप जितने भी फैसला ले काफी सोच समझ कर ले, नहीं तो गलती होने की संभावना बढ़ सकती है.
9 अप्रैल से बढ़ेगी इन राशियों की परेशानियां
मेष राशि: इस राशि के लिए आने वाला समय थोड़ा मिला-जुला रहने वाला है, सूर्य आपकी राशि में ही है. इसी वजह से आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा, लेकिन आपका गुस्सा भी बढ़ सकता है. सरकारी काम या कागज से जुड़े मामलों में रुकावट पैदा हो सकती है, इस समय सबसे ज्यादा जरूरी है कि कोई भी डॉक्यूमेंट साइन करने से पहले उसे अच्छी प्रकार से पढ़ ले, नहीं तो आपको नुकसान हो सकता है.
वृषभ राशि: इस दौरान आपको सतर्क रहने की आवश्यकता है, अनावश्यक रूप से खर्च बढ़ सकते हैं जिस वजह से आपको आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. अगर आप कहीं निवेश करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आने वाला समय आपके लिए ज्यादा अच्छा नहीं होगा. ऐसे में आपको काफी सोच समझ कर ही निवेश करना चाहिए.
वृश्चिक राशि: इस राशि के जातकों के लिए आने वाला समय थोड़ा कष्टदाई होने वाला है, इस दौरान आपको कई बड़े फैसले सोच समझ कर लेने हैं. नहीं तो आपकी परेशानी बढ़ सकती है, जमीन जायदाद आती है. संपत्ति से जुड़े मामलों में भी विवाद हो सकता है, वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरते.
कुंभ राशि: इस राशि के लोग इस दौरान असुरक्षा महसूस करने वाले हैं, पैसों की भी काफी परेशानी हो सकती है. बचत पर इसका सीधा-सीधा प्रभाव पड़ेगा, ऑफिस में दबाव महसूस हो सकता है. नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं, तो अभी समय सही नहीं है. भाई बहनों के रिश्तों में भी दूरी आ सकती है, ऐसे में आप काफी सोच समझ कर ही फैसले ले.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.