चंडीगढ़ | खेल और खिलाड़ियों की बदौलत देश-दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हरियाणा के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है. प्रदेश सरकार ने जमीनी स्तर पर नई खेल क्रांति लाने के लिए अब खेलो इंडिया योजना के तहत जिला स्तर पर भी खेलो इंडिया लघु केंद्र खोलने की योजना बनाई है.

अनुभवी खिलाड़ी देंगे प्रशिक्षण
प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना के तहत प्रत्येक लघु केंद्र को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि भी दी जाएगी जिससे खेल के मैदानों का रखरखाव, आधुनिक उपकरण और खिलाड़ियों के लिए किट उपलब्ध कराई जा सके.
खास पहलू यह है कि इन केंद्रों का संचालन पूर्व चैंपियन खिलाड़ियों को सौंपने की योजना है, यानि अब ओलिंपिक, एशियाई और राष्ट्रीय स्तर पर अनुभव हासिल कर चुके खिलाड़ी सीधे नई पीढ़ी को तैयार करेंगे. बता दें कि नेशनल हो या फिर इंटरनेशनल गेम्स, हरियाणा की गिनती देश को सबसे ज्यादा मेडल दिलाने वाले राज्यों में होती है. कुश्ती, कबड्डी, बॉक्सिंग, शूटिंग और एथलेटिक्स जैसे खेलों पर हरियाणा के खिलाड़ियों की विशेष पकड़ रही है. अब सरकार का फोकस खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण, डाइट प्लान, स्पोर्ट्स साइंस और डेटा एनालिटिक्स से जोड़ने का है.
नए खेल स्टेडियमों की हुई घोषणा
वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए बतौर वित्त मंत्री मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रदेश के 21 जिलों में नए खेल स्टेडियम बनाने की घोषणा की है. इसके साथ ही, प्रत्येक जिले में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक तैयार करने की योजना है, जिससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार अभ्यास का मौका मिलेगा.
गुरुग्राम स्थित राजीव गांधी खेल परिसर दौलताबाद को अपग्रेड कर राज्य का पहला इंटरनेशनल स्तर का पैरा स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाया जाएगा. यहां दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और उनकी जरूरतों के अनुरूप इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा. हरियाणा के दिव्यांग खिलाड़ी भी पैरा स्पोर्ट्स में नेशनल और इंटरनेशनल खेलों में पदक जीतकर अपनी विशिष्ट छाप छोड़ रहे हैं.