नई दिल्ली | केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और NCF- SE 2023 के तहत बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है. बता दें कि अब 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए 3 भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा. यह नियम 1 जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा. इसका उद्देश्य छात्रों में अधिक भाषाओं की क्षमता बढ़ाना, भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना और सांस्कृतिक विविधता जैसे अलग- अलग भाषाएं, त्यौहार, जीवनशैली को मजबूत करना है.

3 भाषाओं जाएगा जोड़ा
CBSE के आदेशों के अनुसार अब कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए 3 भाषाओं (RI, R2, R3) का अनिवार्य होगा, जिनमें कम से कम 2 भाषाएं भारतीय होगी. CBSE ने ये भी साफ किया है कि यदि कोई विद्यार्थी विदेशी भाषा पढ़ना चाहता है, तो वह उसे तीसरी भाषा के रूप में चुन सकता है. इसके अलावा, बोर्ड ने कहा है कि तीसरी भाषा की पढ़ाई कराना जरूरी होगा लेकिन इसका 10वीं बोर्ड परीक्षा में अलग से पेपर नहीं होगा.
छात्रों की भाषाई समझ विकसित
CBSE ने विद्यार्थियों पर परीक्षा का दबाव करने के लिए बड़ा फैसला लिया है कि तीसरी भाषा R3 की 10वीं बोर्ड परीक्षा नहीं होगी, बल्कि इसका मूल्यांकन पूरी तरह स्कूल पर आधारित होगा. नई नीति लागू होने के बाद स्कूलों को अपने भाषा पाठ्यक्रम और शिक्षकों की व्यवस्था में बदलाव करना होगा. बोर्ड का मानना है कि इससे छात्रों की भाषाई समझ बेहतर होगी और उनकी भारतीय भाषाओं के प्रति रूचि बढ़ेगी. हालांकि, कई स्कूलों में पर्याप्त भाषा शिक्षक उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती हो सकती है.