हिसार | हरियाणा के हिसार जिले से किसानों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. यहां गांव सुलखनी में 3.93 करोड़ रुपए और गांव राजली में 3.95 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बरसाती पानी की निकासी के लिए नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी. इस परियोजना का शुभारंभ करने पहुंचे कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के बेटे संजीव गंगवा ने कहा कि यह कार्य पूरा होने पर दोनों गांवों के प्रत्येक जनजीवन को बहुत ज्यादा फायदा पहुंचेगा.

उन्होंने कहा कि नई पाइपलाइन बिछाने से बरसाती पानी की तेजी से निकासी हो सकेगी जिससे जलभराव और गंदगी से छुटकारा मिलेगा. वहीं, जलभराव से होने वाली मच्छरों और बीमारियों से बचाव करने में मदद मिलेगी. साथ ही, सड़कें सुरक्षित और टिकाऊ बनेगी.
बरसाती पानी ने मचाई थी तबाही
पिछले साल हुई अत्यधिक बारिश से इन गांवों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी. खेतों से लेकर गांवों तक में पानी खड़ा हो गया था जिससे जनजीवन अस्त- व्यस्त हो गया था. चौतरफा जलभराव से इन गांवों का दूसरे गांवों से संपर्क टूट गया था. हांसी- बरवाला रोड पूरी तरह से पानी में डूबकर क्षतिग्रस्त हो गया था. बाढ़ का पानी सुलखनी और राजली से होते हुए सरसौद गांव में हिसार- चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर आ गया था, जिससे सड़क मार्ग को पूरी तरह से नुकसान पहुंचा था.
दोनों ही गांवों के लोगों ने बरसाती पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन बिछाने के कार्य पर खुशी जाहिर करते हुए सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया. इसके साथ ही लोगों ने अपने स्थानीय विधायक PWD मंत्री रणबीर गंगवा का विशेष तौर पर धन्यवाद व्यक्त किया.
ग्रामीणों ने कहा कि नई पाइपलाइन बिछाएं जाने से खेतों में जलभराव की स्थिति से छुटकारा मिलेगा, जिससे उत्पादन में बढ़ोतरी होगी. वहीं, साथ ही मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बनी रहेगी. इसके साथ ही खेती कार्यों के लिए परिवहन की दृष्टि से भी फायदा पहुंचेगा. सड़कों की गुणवत्ता बनी रहेगी तो समय और ईंधन दोनों की बचत होगी.
कई गांवों को मिलेगा फायदा
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के बेटे संजीव गंगवा ने कहा कि इस योजना के पूरा होने पर दोनों ही गांवों के लोगों को फायदा पहुंचेगा. खेतों में जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी. हमारी सरकार सेवा, सुशासन और विकास को लेकर प्रतिबद्ध है और पूरे हरियाणा के एक समान विकास को लेकर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस योजना से सिर्फ सुलखनी और राजली ही नहीं बल्कि मिर्जापुर, नियाणा, खोखा, खरकड़ी, शिकारपुर और रायपुर आदि गांव भी लाभान्वित होंगे.