चंडीगढ़ | पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की तरफ से हरियाणा में ग्रुप डी भर्ती के तहत एक्सीलेंट स्पोर्ट्स पर्सन (ESP) केटेगरी में चयनित उम्मीदवारों को एक बड़ी राहत प्रदान की गई है. हाई कोर्ट द्वारा इन खेल कोटा उम्मीदवारों का सिलेक्शन रद्द करने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. इसके साथ ही, अदालत ने याचिकाकर्ताओं की सेवाओं के बारे में यथास्थिति (स्टीटस क्यो) बनाए रखने के अंतरिम आदेश दिए है.

2 सिंतबर को होगी अगली सुनवाई
इस मामले की अगली सुनवाई अब 2 सितंबर 2026 को होगी. यह मामला तब देखने को मिला जब राजेंद्र और hअन्य उम्मीदवारों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सरकार के कदम को चैलेंज किया. याचिकाकर्ताओं का पक्ष था कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा उनका चयन पूर्ण रूप से वैध था और वे पिछले कई महीनों से विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. खेल विभाग द्वारा स्पोट्र्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के पुनः सत्यापन के बाद 18 मई 2026 को एक संशोधित सिलेक्शन लिस्ट जारी की गई थी.
सभी दस्तावेजों की गहन जांच
इस आधार पर पहले से नियुक्त कई खेल कोटा उम्मीदवारों की नौकरी खत्म करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई. याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील पेश की कि भर्ती के वक्त सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा चुकी थी. ज्वॉइनिंग के बाद इस प्रकार नौकरी से हटाना पूरी तरह मनमाना, कानून के विपरीत और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरूद्ध है. सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने अपना पक्ष रखने के लिए कोर्ट से वक्त मांगा.
नहीं होगा कोई बदलाव
दूसरी तरफ, उम्मीदवारों के रोजगार पर एकदम आए इस संकट और मामले के गंभीर तथ्यों को देखते हुए हाई कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया. अदालत ने निर्देश जारी किया कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं की मौजूदा सेवा स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा और ये अपने पदों पर सेवा देते रहेंगे.