नई दिल्ली | दैनिक दिनचर्चा में शामिल चीजों पर महंगाई का असर दिन- प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है. अब इसका असर सिर्फ खाद्य पदार्थों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रसोई से लेकर बाथरूम और ब्यूटी किट तक पहुंच गया है. राज्य के अधिकतर जिलों के बाजारों में सरसों तेल की कीमत 200 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गई है. साबुन, सर्फ, शैंपू, हैंडवॉश, फेसवॉश और अन्य सौंदर्य उत्पादों की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है.

सरसों तेल और खाद्य तेल के दाम में उछाल
खुदरा बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में पिछले कुछ महीनों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. कारोबारियों के अनुसार 750 ग्राम सोयाबीन तेल का पैक करीब 145 रुपए में बिक रहा है. वहीं धारा ब्रांड का तेल 180 रुपए प्रति लीटर, सलोनी 180 रुपए, पंतजलि का तेल 200 रुपए प्रति लीटर और इंजन ब्रांड का तेल 205 रूपए प्रति लीटर बिक रहा है.
खाद्य तेलों की कीमत बढ़ने पीछे पाम ऑयल की महंगाई सबसे बड़ा कारण है. पिछले 3 महीनों में थोक बाजार में पाम ऑयल के दाम 12 से 18% तक बढ़ गए है. पहले जो पाम ऑयल 92 से 95 रूपए प्रति किलो मिलता था, वह अब 108 से 112 रूपए प्रति किलो तक पहुंच गया है.
साबुन, सर्फ और शैंपू भी हुए महंगे
पाम ऑयल का इस्तेमाल केवल खाद्य तेलों में नहीं, बल्कि डिटर्जेंट, साबुन, शैंपू और हैंडवाश जैसे उत्पादों के निर्माण में भी बड़ी मात्रा में होता है. कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण FMCG कंपनियों की लागत बढ़ रही है. वर्तमान में कई कंपनियां पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल रही है, लेकिन जल्द कीमतें बढ़ सकती है.
ग्लिसरीन और कॉस्मेटिक उत्पादों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है. कुछ महीने पहले इसकी कीमत 62 से 65 रुपए प्रति किलो थी, जो अब बढ़कर 78 से 82 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है. ग्लिसरीन का उपयोग क्रीम, फेसवॉश, कॉस्मेटिक्स और कई दवा उत्पादों में किया जाता है. इसके महंगा होने से सौंदर्य से जुड़े उत्पादों में भी बढ़ोतरी हुई है.