नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली के IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल- 2 पर शनिवार शाम अचानक बदले मौसम ने बड़ा नुकसान पहुंचा दिया. तेज हवाओं के कारण रनवे के पास खड़े ग्राउंड सपोर्ट इक्विपमेंट अपनी जगह से खिसक गए और एअर इंडिया के तीन नैरोबॉडी विमानों से टकरा गए. हादसे में तीनों विमानों को नुकसान पहुंचा जिसके बाद एहतियातन उन्हें तत्काल परिचालन से बाहर कर दिया गया. मिली जानकारी के अनुसार, शाम करीब 4:40 बजे मौसम ने अचानक करवट ली और एयरपोर्ट परिसर में तेज रफ्तार हवाएं चलने लगीं. उस समय टर्मिनल-2 के पार्किंग स्टैंड पर इंडिगो इंजीनियरिंग और एयर इंडिया इंजीनियरिंग के कुछ भारी उपकरण मौजूद थे. इनमें एक सीढ़ी और एक ट्रेस्टल (लोहे का ढांचा) भी शामिल था. तेज हवाओं के दबाव में ये उपकरण नियंत्रण से बाहर हो गए और पार्क किए गए विमानों से जा टकराए.

एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, उपकरणों को नियमों के अनुसार सुरक्षित तरीके से लॉक किया गया था, लेकिन हवाओं की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सुरक्षा लॉक भी उन्हें रोक नहीं सके. इस वजह से उपकरण आगे बढ़ते हुए विमानों से टकरा गए. घटना के बाद विमानन नियामक संस्था डीजीसीए और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है.
हुआ स्ट्रक्चरल डैमेज
प्रभावित विमानों में से 2 को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचा है. तकनीकी निरीक्षण और जरूरी मरम्मत पूरी होने के बाद उन्हें इसी सप्ताह दोबारा सेवा में शामिल किया जा सकता है. वहीं, तीसरे विमान को अधिक गंभीर स्ट्रक्चरल डैमेज हुआ है. ऐसे में उसकी मरम्मत और ‘फिट टू फ्लाई’ प्रमाणन में कुछ अतिरिक्त समय लग सकता है. सूत्रों का दावा है कि मौसम में आए इस अचानक बदलाव को लेकर पहले से कोई एडवांस चेतावनी जारी नहीं की गई थी. यदि समय रहते आंधी या तेज हवाओं का अलर्ट मिलता तो ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियां अतिरिक्त सुरक्षा उपाय कर सकती थीं. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में सीढ़ियों, ट्रॉलियों और अन्य उपकरणों को अतिरिक्त चेन, ब्रेक या सुरक्षा व्यवस्था के जरिए और मजबूती से बांधा जाता है जिससे इस तरह के हादसे की संभावना कम हो जाती.
जांच जारी
इसी साल जनवरी में भी आईजीआई एयरपोर्ट पर एक गंभीर घटना सामने आई थी. उस दौरान घने कोहरे के बीच टैक्सी कर रहे एयर इंडिया के एक विमान के इंजन में रनवे पर पड़ा एक कार्गो कंटेनर खिंच गया था, जिससे इंजन को भारी नुकसान पहुंचा था. ताजा घटना के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा और मौसम संबंधी अलर्ट सिस्टम को लेकर सवाल उठने लगे हैं. फिलहाल, पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है.