ज्योतिष डेस्क | 27 जुलाई 2026 को शनिदेव मीन राशि में वक्री होने जा रहे हैं. ज्योतिष के अनुसार, शनि का यह राशि परिवर्तन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. शनि को कर्म, न्याय, अनुशासन और मेहनत का फल देने वाला ग्रह माना जाता है. एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषाचार्य श्री आनंद सागर पाठक के अनुसार, जब शनि वक्री होते हैं तो व्यक्ति को अपने पुराने कर्मों का परिणाम देखने और उनसे सीख लेने का अवसर मिलता है.

इस बार शनि की वक्री चाल का सबसे अधिक असर उन राशियों पर रहेगा, जिन पर साढ़ेसाती या ढैया चल रही है. इनमें मेष, मीन, कुंभ, सिंह और धनु राशि शामिल हैं. तो चलिए आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से यहां…
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है, इसलिए अनावश्यक खर्च से बचने, बचत बढ़ाने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी गई है. इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर ही घर से निकलना सही रहेगा, वरना परेशानी आ सकती है.
मीन राशि
मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा और सबसे प्रभावशाली चरण रहेगा. इस दौरान कामों में देरी हो सकती है, लेकिन धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखने से आगे अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है.
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण रहेगा. इस समय आय सामान्य रह सकती है, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण और मधुर वाणी का प्रयोग करना लाभदायक माना गया है.
सिंह राशि
सिंह राशि पर शनि की ढैया का प्रभाव रहेगा. ऐसे में जोखिम भरे निवेश, सट्टेबाजी और बिना सोचे-समझे आर्थिक फैसले लेने से बचने की सलाह दी गई है. किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे अच्छी तरह पढ़ लेना बेहतर रहेगा.
धनु राशि
धनु राशि वालों पर भी शनि की ढैया का असर रहेगा. इस दौरान घर -परिवार, संपत्ति और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर अधिक ध्यान देना पड़ सकता है. धैर्य, समझदारी और सकारात्मक व्यवहार से परिस्थितियों को बेहतर बनाया जा सकता है.
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