हरियाणा स्वास्थ्य विभाग में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर अलर्ट, ट्रेनिंग शुरू

रोहतक | कोरोना कम हुआ है लेकिन खत्म नहीं हुआ है. जहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा महामारी की तीसरी लहर इसी वर्ष के सितंबर और अक्टूबर माह में आने की संभावना के चलते सभी तैयारियां शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि तीसरी लहर में सबसे ज्यादा बच्चों के प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है. प्रदेश में बाल चिकित्सकों की भी भारी कमी है.

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प्रदेश में बाल चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए पीजीआईएमएस रोहतक ने हरियाणा सरकार के पास एक प्रपोजल भी भेजा था कि डॉक्टर्स की कमी को पूरा करने के लिए सिविल अस्पताल, पीएचसी, सीएचसी के डॉक्टर्स व नर्सों को पीजीआईएमएस स्किल ट्रेनिंग देकर उन्हें कोरोनावायरस की लहर के लिए तैयार किया जा सके. इसी प्रपोजल के तहत आज से पीजीआईएमएस रोहतक में प्रदेशभर के सिविल, पीएचसी, सीएचसी डॉक्टर्स से नर्सों की स्किल ट्रेनिंग शुरू कर दी है. जिसमें 3 जिलों के डॉक्टर्स और नर्सों को पीजीआई के गहन शिशु विभाग में ट्रेनिंग दी जा रही है.

हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी रोहतक के वॉइस चांसलर ओपी कालरा ने स्किल ट्रेनिंग का निरीक्षण भी किया है. तथा साथ में उन्होंने चेतावनी भी देते हुए कहा है कि अगर इसी तरह से लोग कोरोना से बेपरवाह हो जाएंगे तो बच्चे ही नहीं बड़े भी इसकी चपेट में आ सकते हैं. जिसके लिए बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए भी पीजीआई में आईसीयू, ऑक्सीजन तथा बेड बढ़ाई जा रहे हैं. ऐसे में हमें शिशुओं के लिए अलग से तैयारियां करके रखने की जरूरत है. इसी को ध्यान में रखकर पीजीआईएमएस मैं कर्म बंद तरीके से पूरे प्रदेश के चिकित्सकों को आपातकाल में शिशुओं की देखभाल करने की विशेष ट्रेनिंग कृत्रिम अंगों पर प्रदान की जा रही है.

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डॉ. ओपी कालरा ने आगे कहा है कि बच्चों के लिए 400 ऑक्सीजन बैड तैयार किए जाएंगे तथा 100 बेड का आईसीयू भी तैयार किया जा रहा है. उन्होंने बताया है कि इसके साथ ही मेडिकल गैस पाइप लाइन पर भी कार्य किया जा रहा है. प्रदेश में शिशु रोग विशेषज्ञों की काफी कमी है. तीसरी लहर में यदि बच्चे ज्यादा प्रभावित हुए तो इस स्थिति को सरकारी अस्पतालों में संभालने के लिए पूरे प्रदेश के चिकित्सकों व नर्सों को क्रमबद्ध तरीके से डॉ. कुंदन मित्तल व डॉ. प्रशांत द्वारा ट्रेनिंग प्रदान की जा रही है. ताकि वहां भी बच्चों को उच्च गुणवता का इलाज उपलब्ध हो सके.

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