जींद | उचाना विधानसभा क्षेत्र के गांव लोधर और सुदकैन खुर्द के पटवारी रामफल की एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. फोन पर एक शख्स से बातचीत में पटवारी कह रहा है कि मुझे नौकरी की जरूरत नहीं, मैं तो गांव में ताश खेलने जाता हूं. मैं काच्चे काट रहा हूं . मैं किसानों का कहां कोई काम नहीं कर रहा हूं , मैं अपनी नौकरी छोड़ने के लिए भी तैयार हूं लेकिन सरकार मुझे नौकरी से हटा नहीं रही है. आप जींद डीसी से शिकायत कर मुझे नौकरी से हटवा सकते हों, मुझे कोई परवाह नहीं है.
बातचीत के दौरान पटवारी कह रहा है कि सरकार को मेरी गरज (जरुरत) होगी , इसलिए नौकरी पर रखा हुआ है. मैं अपनी ड्यूटी नहीं कर रहा हूं , सरकार मुझे पेंशन दें रही है , तो सरकार समाधान निकालेंगी. मैं तो कह रहा हूं कि मुझे पेंशन ना दो, सरकार पेंशन दें रही है तो मजबूरी में गांव में जाना पड़ रहा है. सरकार जिस दिन नौकरी से निकाल देगी , मैं घर पर आनंद लुंगा. टाइम पास करने के लिए गांव जाकर ताश खेल लेता हूं.
वहीं पटवारी की शिकायत मिलने पर प्रशासन ने कहा कि मामले में तथ्यों के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाने के लिए डीसी को 41 पन्नों की रिपोर्ट भेजी गई है. जांच के बाद पटवारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. पटवारी के खिलाफ शिकायत के कई मामले पहले भी आ चुके हैं.
उचाना एसडीएम राजेश कोथ ने बताया कि उन्होंने भी ऑडियो क्लिप सुनी है , इसमें पटवारी का बात करने का तरीका बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि बेरोजगारी के इस दौर में लोग रात में भी काम करने को तैयार है लेकिन ये महाशय दिन में भी अपनी ड्यूटी ठीक ढंग से नहीं कर रहें हैं. इसके साथ ही उन्होंने सभी सरकारी कर्मचारियों से अपील करते हुए कहा कि आमजन के साथ बातचीत का लहजा सुधारा जाए और सभ्य तरीके से बातचीत हों.
