नई दिल्ली । ईंधन की कीमतों समेत चौतरफा महंगाई की मार झेल रहे किसानों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है. इस बारे में किसानों का कहना है कि खेती की लागत बढ़ती जा रही है लेकिन किसानों का मुनाफा नहीं बढ़ रहा है. डीजल (Diesel) का भाव बढ़ने से किसान पहले ही परेशान हैं और अब उपर से डीएपी खाद (DAP Fertilizer) महंगा होने से किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ने वाला है.
किसानों द्वारा फसलों में सर्वाधिक इस्तेमाल होने वाले डीएपी खाद की कीमत 150 रुपये प्रति कट्टा बढ़ गई है. पहले 50 किलोग्राम के बैग की कीमत 1200 रुपये थी जो अब बढ़कर 1350 रुपये हो गई है. उधर, यूरिया की कीमत नहीं बढ़ी, लेकिन बैग में पांच किलो माल कम हो गया है. 50 किलो की जगह यूरिया (Urea fertilizer) बैग में 45 किलो खाद आएगा.
जिला कृषि अधिकारी विनोद सिंह ने बताया कि डीएपी खाद पर 150 रुपए बढ़ने से 1200 रुपए कीमत का बैग अब 1350 रुपए में मिलेगा. उन्होंने बताया कि इस बार डीएपी खाद की नई रेक 5 अप्रैल तक आगरा आ सकती है. वहीं यूरिया का 45 किलो का बैग 267 रुपये में मिलेगा, जबकि एनपीके खाद की कीमतें कंपनी व मिश्रण के अनुपात के हिसाब से अलग-अलग हैं.
