मोदी सरकार का बड़ा फैसला: सेकंड हैंड कारों को बेचने के लिए नया नियम बनाया, इस दिन से होगा लागू

नई दिल्ली | सरकार ने सेकेंड हैंड कारों के लिए निष्पक्ष नियम बनाने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के अध्याय III में संशोधन किया है. अधिसूचना के अनुसार, पंजीकृत मालिक और डीलर के बीच वाहन की डिलीवरी की सूचना का दायरा बढ़ा दिया गया है. इसके अलावा, पंजीकृत वाहनों के कब्जे वाले डीलर की शक्तियों और जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट किया गया है. 1 अप्रैल 2023 से यह नियम लागू होगा.

second hand car

मंत्रालय ने बुधवार को किया ऐलान

बता दें कि सेकेंड हैंड वाहनों की हेराफेरी पर लगाम लगाने के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय ने बड़ा ऐलान किया है. मंत्रालय ने बुधवार को सेकेंड हैंड कार खरीदने और साल्वेज डीलर्स की प्रामाणिकता की पहचान करने के लिए एक नया नियम पेश किया. सरकार ने डीलरों की उचित पहचान के लिए एक विशेष प्रमाण पत्र जारी करने का निर्णय लिया है.

सरकार ने ये नोटिफिकेशन किया जारी

भारत में प्री- ओन्ड कारों का बाजार धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है. ऑनलाइन मार्केटप्लेस के आगमन ने हाल के वर्षों में सेकेंड हैंड कार बाजार में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी है. हालांकि, पिछले कई सालों से इसमें धांधली की कई शिकायतें आ रही हैं जिस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने यह नोटिफिकेशन जारी किया है.

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डीलर्स को मिलेगा ये अधिकार

अधिसूचना के अनुसार, डीलरों को पंजीकरण प्रमाण पत्र के नवीनीकरण, फिटनेस प्रमाण पत्र के नवीनीकरण, डुप्लीकेट पंजीकरण प्रमाण पत्र, एनओसी उनके अधिकार में मोटर वाहनों के स्वामित्व के हस्तांतरण के लिए आवेदन करने का अधिकार दिया गया है. एक नियामक उपाय के रूप में इलेक्ट्रॉनिक वाहन ट्रिप रजिस्टर का रखरखाव अनिवार्य कर दिया गया है, जिसमें की गई यात्रा का विवरण होगा.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.