भिवानी | हरियाणा में नया बिजली कनेक्शन लेने से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. अब गांव के पास बसी ढाणियों में घरेलू बिजली कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ता को लाइन खर्च वहन करना होगा जबकि बिजली विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर मुहैया कराया जाएगा. विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि ढाणियों में बिजली कनेक्शन को लेकर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) ने दो श्रेणियां निर्धारित की है.
दो श्रेणियां निर्धारित
उन्होंने बताया कि पहली श्रेणी में जिन ढाणियों में कोई भी बिजली कनेक्शन नहीं है. उनके अंदर घरेलू बिजली कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ता को लाइन बिछाने पर होने वाले खर्च का 50% देना होगा, जबकि दूसरी श्रेणी में जहां ढाणियों के अंदर पहले से ही कृषि यानि एपी के ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए हुए हैं, वहां पर घरेलू बिजली कनेक्शन लेने के लिए लाइन शिफ्टिंग के खर्च का पूरा भार उपभोक्ता पर पड़ेगा.
भिवानी सर्कल के महाप्रबंधक बिजेंद्र लांबा ने बताया कि ढाणी में घरेलू उपभोक्ताओं को 16 घंटे बिजली आपूर्ति, जबकि कृषि क्षेत्र में सिर्फ 8 घंटे बिजली आपूर्ति का पहले से ही प्रावधान है. उन्होंने बताया कि भिवानी सर्कल के भिवानी और चरखी दादरी जिले में 10,643 ढाणियों की पहचान बिजली निगम कर चुका है, जिसमें पहले से ही कृषि क्षेत्र के अधिकांश एपी कनेक्शन हैं.
बिजली निगम के नए नियम
बिजेंद्र लांबा ने बताया कि इन ढाणियों में रहने वाले उपभोक्ता अगर एपी से घरेलू बिजली कनेक्शन में तब्दील होना चाहते हैं, तो उन्हें लाइन शिफ्टिंग के पूरे खर्च का भुगतान करना होगा, जबकि ट्रांसफार्मर निगम खुद मुहैया कराएगा. जिन ढाणियों के अंदर निगम का पहले कोई बिजली कनेक्शन नहीं है और वहां से कुछ आवेदन निगम के पास घरेलू कनेक्शन के लिए आते हैं, तो फिर इस सूरत में उपभोक्ता पर लाइन का आधा खर्च डाला जाएगा. इसमें लाइन का आधा खर्च और बिजली ट्रांसफार्मर लगाने का भार बिजली विभाग वहन करेगा.
एपी कनेक्शनों पर लगाए गए पेट ट्रांसफार्मर
उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र के एपी कनेक्शनों पर निगम पेट (पायलेट एडवांस ट्रांसफार्मर) लगा रहा है. इस ट्रांसफार्मर की खास बात ये है कि इसे ऑन कर देने पर सिंगल फेज बिजली आपूर्ति मिलती है. इसे बंद करने पर थ्री फेज बिजली आपूर्ति चालू हो जाती है. इन ट्रांसफार्मरों को चालू और बंद करने का कंट्रोल भी संबंधित पावर सब- स्टेशन के अंदर ही लगाया गया है.
