नई दिल्ली, IDBI Bank Update | आज हम आपको एक ऐसे बैंक के बारे में जानकारी देने वाले हैं, जिसका जल्द ही प्राइवेटाइजेशन होने वाला है. आईडीबीआई बैंक के ग्राहकों के लिए बड़ी अपडेट सामने आ रही है. भारतीय जीवन बीमा निगम की तरफ से 24 अगस्त को स्टॉक एक्सचेंज को एक जानकारी शेयर की गई, जिसके अनुसार भारत के बाजार रेगुलेटरी ने जीवन बीमा निगम के आईडीबीआई बैंक में सार्वजनिक शेयरधारक के रूप में पुन:वर्गीकृत होने के अनुरोध को मंजूरी प्रदान कर दी है.
इससे ऋण दाता में रणनीतिक विक्रय का रास्ता भी साफ होता हुआ दिखाई दे रहा है. आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने वाले हैं.
जल्द होगा प्राइवेटाइजेशन
हाल ही में निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव अरुणेश चावला की तरफ से उम्मीद जताई गई थी कि आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बिक्री चालू वित्त वर्ष में पूरी होने की उम्मीद है. पात्र बोली दाताओं की तरफ से अपनी जांच पड़ताल प्रक्रिया भी लगभग पूरी करा ली गई है. सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए 47000 करोड रुपए के परिसंपत्ति मुद्रीकरण यानी की संपत्ति को बाजार पर चढ़ाने के लिए लक्ष्य के कंपैरिजन में पहली तिमाही में ही 20000 करोड रुपए का निवेश जुटा लिया है.
2022 में हुई थी बिक्री की घोषणा
इससे पहले भी बिक्री प्रक्रिया की घोषणा सबसे पहले साल 2022 में की गई थी. इच्छुक खरीदारों में एमिरेट्स एनबीडी और कनाडाआई अरबपति प्रेम वत्स भी शामिल है. LIC को पहले आईडीबीआई बैंक में एक प्रमोटर शेयर आधार के रूप में ही वर्गीकृत किया गया था यह दर्जा उसे साल 2019 में बैंक का कंट्रोल लेने के बाद ही प्राप्त हुआ है.
बीमाकर्ता और बैंक की तरफ से अलग- अलग प्रस्तुतियों के अनुसार, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड की तरफ से अब इस बड़ी शर्त को स्वीकार कर लिया गया है कि एलआईसी कंट्रोल नहीं करेगी या बोर्ड में प्रतिनिधित्व नहीं करेगी और उसका मतदान अधिकार 10% तक ही सीमित रहने वाले हैं.
