चंडीगढ़ | हरियाणा में नए जिलों के गठन को लेकर चल रही सुगबुगाहट पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. राज्य के सभी जिलों, तहसीलों व कस्बों की प्रशासनिक सीमाओं में अब किसी तरह का बदलाव नहीं होगा. अब 1 जनवरी 2026 से जनगणना के कार्य को अंतिम रूप दिए जाने के बाद ही किसी तरह के बदलाव हो सकेंगे.
वित्तायुक्त तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा ने सोमवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है. उन्होंने जनगणना नियम- 1990 के नियम- 8 के खंड (4) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह फैसला लिया है.
कैबिनेट सब- कमेटी का हुआ गठन
सूबे की नायब सैनी सरकार ने प्रदेश में नये जिलों, उपमंडलों, तहसीलों व उप- तहसीलों के गठन को लेकर विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया हुआ है. इस कमेटी में संसदीय कार्य मामले मंत्री महिपाल सिंह ढांडा तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल को शामिल किया गया है.
इस कमेटी की कई बैठकें हो चुकी है, जिसमें नए जिलों व उपमंडल आदि को लेकर आए प्रस्तावों पर चर्चा भी की हैं और सभी मांगों को संबंधित जिला उपायुक्तों के पास भेजा जा चुका है. अब जिला उपायुक्त रिपोर्ट बनाकर इस कमेटी के पास भेजेंगे.
जिला उपायुक्त नये जिलों के गठन के लिए जरूरी नियमों एवं शर्तों के हिसाब से अपनी रिपोर्ट कमेटी के पास भिजवाएंगे. यह रिपोर्ट कब आएगी, यह कहा नहीं जा सकता, लेकिन 1 जनवरी 2026 से जनगणना के चलते प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव पर पूरी तरह से रोक लग गई है. अब नई जनगणना के बाद ही बदलाव संभव हो पायेगा.
इन इलाकों को जिला बनाने की तैयारी
हिसार के हांसी, सिरसा के डबवाली, सोनीपत के गोहाना, करनाल के असंध और गुरुग्राम के मानेसर को लंबे समय से जिला बनाने की मांग उठाई जा रही है. प्रदेश सरकार हांसी व डबवाली को पहले ही पुलिस जिला घोषित कर चुकी हैं.
