चरखी दादरी | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) की ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना के तहत अब किसान धान की खेती छोड़कर दूसरी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं. इसके बदले 8 हजार रुपए प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि भी पा रहे हैं. इस बार मानसून ने भी किया मेहरबानी, जिससे दादरी जिले में जमकर बारिश हुई और खरीफ फसलों की बिजाई जोरों पर है. बाजरा, मूंग, ग्वार और कपास जैसी फसलों की ओर किसानों का झुकाव तेजी से बढ़ा है. कृषि विभाग की मानें तो ये बदलाव सिर्फ मौसम का नहीं, सोच का भी है.
कृषि विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. चंद्रभान श्योराण ने आजतक से बातचीत में बताया कि इस बार मानसून समय पर आया और अच्छी बारिश हुई है. इससे खरीफ फसलों को जबरदस्त फायदा मिलेगा. धान की तुलना में ये फसलें पानी भी कम लेती हैं, जिससे पानी की बर्बादी रुकेगी और किसानों को अर्थिक लाभ भी मिलेगा.”
सरकार का फोकस
सरकार का फोकस अब धान की जगह अन्य वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने पर है. इसके लिए किसानों को ‘मेरी फसल, मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. सत्यापन के बाद सीधे खाते में राशि ट्रांसफर की जाएगी. धान की जगह दूसरी फसल की बिजाई पर ₹8,000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. इसके अलावा, ‘मेरी फसल, मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है.
क्या बोले किसान?
कई किसानों का कहना है कि धान की जगह कम पानी वाली फसलें उगाकर फायदा ज्यादा है. न सिर्फ लागत कम हुई है, बल्कि फसल भी जल्दी तैयार हो जाती है.
