हरियाणा में खेती पर बड़ा बदलाव, सरकार की स्कीम बनी गेमचेंजर; किसानों को होगा दोगुना फायदा

चरखी दादरी | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) की ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना के तहत अब किसान धान की खेती छोड़कर दूसरी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं. इसके बदले 8 हजार रुपए प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि भी पा रहे हैं. इस बार मानसून ने भी किया मेहरबानी, जिससे दादरी जिले में जमकर बारिश हुई और खरीफ फसलों की बिजाई जोरों पर है. बाजरा, मूंग, ग्वार और कपास जैसी फसलों की ओर किसानों का झुकाव तेजी से बढ़ा है. कृषि विभाग की मानें तो ये बदलाव सिर्फ मौसम का नहीं, सोच का भी है.

CM Nayab Singh Saini Kisan

कृषि विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. चंद्रभान श्योराण ने आजतक से बातचीत में बताया कि इस बार मानसून समय पर आया और अच्छी बारिश हुई है. इससे खरीफ फसलों को जबरदस्त फायदा मिलेगा. धान की तुलना में ये फसलें पानी भी कम लेती हैं, जिससे पानी की बर्बादी रुकेगी और किसानों को अर्थिक लाभ भी मिलेगा.”

सरकार का फोकस

सरकार का फोकस अब धान की जगह अन्य वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने पर है. इसके लिए किसानों को ‘मेरी फसल, मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. सत्यापन के बाद सीधे खाते में राशि ट्रांसफर की जाएगी. धान की जगह दूसरी फसल की बिजाई पर ₹8,000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. इसके अलावा, ‘मेरी फसल, मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है.

यह भी पढ़े -  हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, पशु हमले के पीड़ित परिवारों को मिलेगी आर्थिक सहायता

क्या बोले किसान?

कई किसानों का कहना है कि धान की जगह कम पानी वाली फसलें उगाकर फायदा ज्यादा है. न सिर्फ लागत कम हुई है, बल्कि फसल भी जल्दी तैयार हो जाती है.

Avatar of Ajay Sehrawat
Ajay Sehrawat
View all posts

मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.