चंडीगढ़ | हरियाणा में BPL कार्ड धारकों से जुड़ी एक नई अपडेट सामने आई है. प्रदेश में अपात्र राशन कार्ड धारकों की छंटनी के लिए नागरिक संसाधन सूचना विभाग ने अब अपनी डिजिटल जांच का दायरा बढ़ा दिया है. विभाग के पास अब पहली बार ऑनलाइन रजिस्ट्री, बैंक लोन और आईटीआर का डेटा पहुंचना शुरू हो गया है जिससे वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी तरह से स्वचालित हो जाएगी.
हरियाणा में हटेंगे BPL सूची से नाम
यदि कोई कार्ड धारक शहर में 100 गज या गांव में 200 गज से अधिक का प्लॉट खरीदता है तो ऑनलाइन रजिस्ट्री होते ही उसकी जानकारी क्रीड विभाग के पास पहुंच जाएगी और उसे बीपीएल सूची से हटा दिया जाएगा. इसके अलावा, एक नया नियम यह भी लागू किया गया है कि यदि किसी परिवार ने लगातार 6 माह तक राशन नहीं लिया है तो विभाग मान लेगा कि उन्हें इसकी आवश्यकता नहीं है और उनका कार्ड रद्द कर दिया जाएगा.
इन पर होगी कार्यवाही
क्रीड विभाग विभिन्न तरह के डिजिटल डाटा के साथ अपात्र काडों को बीपीएल कार्ड की लिस्ट से बाहर करने की कार्यवाही कर रहा है. यह कार्यवाही शहर में 100 गज या गांव में 200 गज से ज्यादा का प्लॉट/ मकान खरीदने पर, परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा आयकर रिटर्न भरने पर, बड़ी राशि का लोन लेने पर, जो आय सीमा का उल्लंघन करता हो, साल भर में 24 हजार रुपए से अधिक का बिजली बिल आने पर, साल में 3.60 लाख रुपये से अधिक की फसल सरकारी पोर्टल पर बेचने पर, परिवार के नाम पर फोर व्हीलर वाहन होने पर और लगातार 6 महीने तक राशन डिपो से राशन न लेने पर बीपीएल सूची से बाहर का रास्ता दिखा रहा है.
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शिक्षा विभाग से डाटा एकत्रित कर आगे महंगे प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने वाले कार्ड धारकों का डाटा भी जांचा जाएगा. अपात्र कार्ड धारकों को बीपीएल की सूची से बाहर किया जाएगा.
अब हमारे पास ऑनलाइन रजिस्ट्री, आईटीआर और लोन का डेटा सीधे फैमिली आईडी से लिंक होकर आ रहा है. यदि कोई व्यक्ति बीपीएल की निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करता है तो सिस्टम उसे तुरंत अपात्र घोषित कर कार्ड काट देता है. यह स्वचालित प्रक्रिया फर्जीवाड़ा रोकने में प्रभावी है और यह कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी- दीपक चौहान, जिला प्रबंधक, क्रीड विभाग, रेवाड़ी
