चंडीगढ़ | हरियाणा कांग्रेस (Haryana Congress) अध्यक्ष उदयभान, कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा, गीता भुक्कल, पूर्व मंत्री कर्ण दलाल समेत कई नेताओं ने मेयर चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की थी, जिसे स्टेट इलेक्शन कमीशन ने ठुकरा दिया है. इस संबंध में 11 फरवरी को कांग्रेस को विस्तृत जवाब सौंपा जाएगा. कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड की तर्ज पर हरियाणा में भी निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की थी, लेकिन आयोग ने इसे मानने से इनकार कर दिया.
ईवीएम से हो सकती धांधली
कांग्रेस अध्यक्ष उदयभान और अशोक अरोड़ा सहित कई नेताओं ने स्टेट इलेक्शन कमिश्नर धनपत सिंह को ज्ञापन सौंपा था. इसके बाद, उदयभान ने कहा कि नगर निगम चुनाव ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से होने चाहिए क्योंकि ईवीएम में गड़बड़ी की संभावनाएं रहती हैं और चुनाव निष्पक्ष नहीं हो पाते. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उम्मीद थी कि उनकी मांग पर विचार किया जाएगा, लेकिन उन्हें इलेक्शन कमीशन से अधिक उम्मीदें नहीं हैं.
बीजेपी पर कांग्रेस का निशाना
उदयभान ने सवाल उठाया कि जब उत्तराखंड में बैलेट पेपर से चुनाव हो सकते हैं तो हरियाणा में क्यों नहीं? उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी सरकार बैलेट पेपर से चुनाव के पक्ष में नहीं है, क्योंकि इससे उनकी हार हो सकती है. कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम चुनाव में अनुसूचित जाति (SC) के आरक्षण को सही तरीके से लागू नहीं किया गया, जिससे दलित समुदाय के साथ अन्याय हुआ है.
