चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) ने सूबे में पर्यटन को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से सभी जिलों में होम स्टे योजना लागू कर दी है. बता दें कि पहले यह योजना 4 जिलों तक सीमित थी. इस योजना के अन्तर्गत, युवाओं को होम स्टे संचालित करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा. 6 जून से इस योजना के लिए आवेदन शुरू हो जाएंगे.
हिमाचल की तर्ज पर लिया फैसला
हिमाचल प्रदेश में होम स्टे योजना बनाई गई है, जहां लोग अपने घर के कुछ कमरों को गेस्ट हाउस के रूप में किराए पर दे देते हैं. पहले इस योजना पर कोई टैक्स नहीं था, लेकिन अब कांग्रेस सरकार ने होम स्टे योजना को 3 कैटेगरी सिल्वर, गोल्ड और डायमंड में बांटा हुआ है. इससे सरकार को आर्थिक रूप से फायदा हो रहा है, तो वहीं दूसरी ओर युवाओं को रोजगार मिल रहा है.
6 जून तक करें आवेदन
प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार देने और स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से होम स्टे योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लिया है. पहले यह योजना गुरुग्राम, फरीदाबाद, कुरूक्षेत्र और पंचकूला जिले तक सीमित थी, लेकिन अब इसे पूरे प्रदेश के लिए खोल दिया गया है.
इस योजना के तहत, 15 से 29 साल तक की आयु के युवाओं को होम स्टे योजना के लिए ट्रैनिंग दी जाएगी. ट्रैनिंग लेने के इच्छुक युवा 6 जून 2025 तक आनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा इस योजना का लाभ उठा सकें.
फ्री ट्रैनिंग देगी सरकार
होम स्टे योजना के तहत ट्रैनिंग पूरी तरह से निशुल्क रहेगी ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवा भी इसका लाभ उठा सकें. ट्रैनिंग के दौरान होम स्टे प्रबंधन, हॉस्पिटैलिटी, स्वच्छता, ग्राहक सेवा और पर्यटन से संबंधित अन्य आवश्यक कौशल के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी. प्रदेश सरकार का कहना है कि इस योजना से न केवल शहरी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही, स्थानीय संस्कृति को पर्यटकों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी.
