चंडीगढ़ । यदि आपको कुत्ता पालने का शौक है या अपने घर में लगे किसी पेड़ को काटना है, तो इन दोनों चीजों के लिए ही आपके पास परिवार पहचान पत्र (फैमली आईडी) का होना अनिवार्य है. हरियाणा सरकार ने विभिन्न निगमों, बोर्ड और विभागों की 500 से अधिक सेवाओं के लिए परिवार पहचान पत्र को अनिवार्य घोषित कर दिया है.
इसकी अधिसूचना 3 दिन पहले ही जारी की गई है. यह नियम पूर्ण रुप से लागू हो चुका है. अब अगर आपने परिवार पहचान पत्र नहीं बनवाया है तो जल्द से जल्द इसे बनवाने के लिए आवेदन करें. नहीं तो आपको आवश्यक सेवाओं से वंचित रहना पड़ सकता है.
इन सुविधाओं के लिए परिवार पहचान पत्र (फैमली आईडी) अनिवार्य
बिजली, जमीन, अवार्ड, छात्रवृत्ति, नौकरी, पेंशन, रेहड़ी की अनुमति, धोबी घाट लाइसेंस, बेरोजगारी भत्ता, राशन कार्ड, घरेलू हिंसा के खिलाफ संरक्षण, लाउडस्पीकर व चुनाव प्रचार में वाहनों का परमिट, बीज खाद का लाइसेंस, योद्धा विधवाओं की सहायता, विवाह पंजीकरण, निजी प्ले स्कूल की मान्यता और भी अनेक प्रकार की पेंशन के लिए परिवार पहचान पत्र को अनिवार्य कर दिया गया है.
अभी तक बना सिर्फ इतने परिवारों का परिवार पहचान पत्र (फैमली आईडी)
हरियाणा में वर्तमान में 56,25,307 परिवार हैं. इनमें से 42,53,174 परिवारों का परिवार पहचान पत्र बन चुका है जबकि 31,07,949 परिवारों के परिवार पहचान पत्र हस्ताक्षर होने के पश्चात अपलोड किए गए हैं. लगभग 49.3% परिवारों के ही परिवार पहचान पत्र बन पाए हैं. राज्य सरकार की तरफ से जून महीने के पश्चात सभी अधिकारियों को इस प्रक्रिया को शीघ्र से शीघ्र पूरा करने के सख्त आदेश दिए हुए हैं.
इन सेवाओं के लिए परिवार पहचान पत्र (फैमली आईडी) हुआ अनिवार्य
रोजगार, बिजली निगम, शहरी निकाय विभाग, राजस्व एवं आपदा, स्कूल शिक्षा विभाग व बोर्ड, श्रम विभाग, पशुपालन, कृषि विभाग, कृषि मार्केटिंग बोर्ड, हाउसिंग बोर्ड, हरियाणा पिछड़ा वर्ग और आर्थिक स्तर पर कमजोर वर्ग कल्याण निगम, स्वास्थ्य, वित्त विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, श्रम कल्याण बोर्ड, वन, हरियाणा महिला विकास निगम, हरियाणा एससी वित्त और विकास निगम गृह विभाग, सैनिक और अर्धसैनिक कल्याण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, न्यू और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, सूचना जनसंपर्क और भाषा विभाग, प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी, पुलिस विभाग, उद्योग, बागवानी, एससी-बीसी कल्याण विभाग, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, पर्यटन विभाग, खेल एवं युवा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, महिला एवं बाल विकास विभाग और भी अनेक विभागों की सेवाओं के लिए परिवार पहचान पत्र को अनिवार्य कर दिया गया है.
