हरियाणा में बाढ़ प्रभावित किसानों को मिलेगा मुआवजा, 10 सितंबर तक करें अप्लाई

चंडीगढ़ | हरियाणा सहित पूरे उत्तर भारत में मानसूनी बारिश आफत बनकर बरस रही है. जम्मू- कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में जलभराव के चलते बाढ़ जैसे हालात पैदा हो चुके हैं. खेत और गांव पूरी तरह से जलमग्न हैं. कुछ ऐसी ही स्थिति हरियाणा में भी बनी हुई है, जहां कई जिलों में खेतों में जलभराव से किसानों की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है.

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गांवों में भी निकासी व्यवस्था ठप्प होने से गलियों में पानी खड़ा हो चुका है. ऐसी आपातकालीन स्थिति में किसानों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से सूबे की नायब सैनी सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है.

ई- क्षतिपूर्ति पोर्टल पर करें रजिस्ट्रेशन

सीएम नायब सैनी ने किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए फसल नुकसान पंजीकरण के लिए ई- क्षतिपूर्ति पोर्टल 12 जिलों के 1402 गांवों के लिए 10 सितंबर तक खोलने का फैसला लिया है. अब तक कुल 38 हजार 286 किसानों ने अपनी फसल खराबे का दावा दर्ज करवाया है. पंजीकृत कुल क्षेत्रफल 2,42,945.15 एकड़ तक पहुंच गया है.

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पहले ई- क्षतिपूर्ति पोर्टल 7 जिलों के 188 गांवों के लिए खोला गया था. इसके बाद, इसका दायरा बढ़ाकर 12 जिलों के 1402 गांवों तक कर दिया गया है.

विशेष गिरदावरी से मिलेगा मुआवजा

इनमें रोहतक के 41, हिसार के 86, चरखी दादरी के 34, पलवल के 59, सिरसा के 6, भिवानी के 43 गांव, रेवाड़ी के सात, कुरुक्षेत्र के 75, यमुनानगर के 600, नूंह के 166, फतेहाबाद के 21 और झज्जर के 264 गांव शामिल हैं.

जिला राजस्व अधिकारी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त दावों का सत्यापन विशेष गिरदावरी के रूप में करेंगे. इन आकलनों के आधार पर निर्धारित मानकों के अनुसार किसानों को मुआवजा राशि का लाभ मिलेगा. प्रदेश सरकार ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि वे बढ़ी हुई समय- सीमा का लाभ उठाते हुए फसल खराबे का पंजीकरण करवाएं.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.