हिसार, Haryana Weather News | पहाड़ी इलाकों में हो रही बरसात और नदियों में उफान आने से मैदानी इलाकों पर भी संकट के बादल छा चुके हैं. कई नदियां खतरे के निशान के आसपास बह रही हैं और कई शहरों में बाढ़ जैसे हालात हो चुके हैं. कल देर रात 2:00 बजे हथिनीकुंड बैराज में 1 लाख 5 हजार क्यूसेक पानी आने से सभी गेट खोल दिए गए. इसे देखते हुए प्रशासन द्वारा दिल्ली को अलर्ट जारी किया गया है. पंचकूला, फतेहाबाद और सिरसा में हालात चिंता जनक बने हुए हैं.
पंजाब और पहाड़ों में हो रही बरसात के चलते नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है. फरीदाबाद में यमुना और कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी ओवरफ्लो चल रही है. खबर लेकर जाने तक अंबाला, रेवाड़ी, झज्जर, पंचकूला, भिवानी और पिहोवा में बरसात हो रही है.
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
इसी बीच हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग द्वारा सुबह 10:55 तक पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, कैथल, जींद में हल्की से मध्यम बरसात की संभावना जताई गई है. वहीं कुछ स्थानों पर तेज बरसात के भी आसार बने हुए हैं. मौसम विभाग का कहना है कि 2 सितंबर तक इसी प्रकार भारी बरसात के अनुमान बने हुए हैं. मौजूदा हालातों के चलते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यूएई का तीन दिवसीय दौरा रद्द कर दिया है.
2 और 3 सितंबर को ऐसा रहेगा वेदर
मौसम विभाग का कहना है कि 2 सितंबर को पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात, पलवल, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और जींद के कुछ स्थानों पर बरसात के आसार बने हुए हैं.
3 सितंबर को मानसून के कमजोर पड़ने के आसार बने हुए हैं, जिससे बरसात में कमी देखने को मिलेगी. इस दिन किसी भी जिले में अलर्ट नहीं है, लेकिन कुछ एक जगह पर हल्की बरसात की संभावना बनी हुई है.
