चंडीगढ़ | हरियाणा में किसानों और पशुपालन व्यवसाय करने वालों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. सूबे की नायब सैनी सरकार (Nayab Saini Govt) में सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने बताया कि डेयरी फेडरेशन राज्य के किसानों और पशुपालकों के साथ- साथ आमजन से जुड़ाव के लिए निरंतर नए प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा आम बजट में की गई घोषणाओं को धरातल पर अमलीजामा पहनाने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को जरूरी दिशा- निर्देश दिए गए हैं.
इन शहरों में स्थापित होंगे चिलिंग प्लांट
सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में चिलिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे. इस प्रकिया में अगले 2 महीने के भीतर सिरसा के डबवाली और भिवानी के सलेमपुर में चिलिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे, जबकि नूंह के चिलिंग प्लांट को जल्द ही तैयार कर लिया जाएगा. उन्होंने बताया कि पंचकूला, करनाल, पानीपत व चरखी दादरी में चिलिंग सेंटर स्थापित करने के लिए प्रक्रिया शुरू की जा रही है.
अरविंद शर्मा ने बताया कि सिरसा में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर किन्नू जूस प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने को लेकर स्टेकहोल्डर्स, बागवानी व कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है. प्लांट की व्यवहारिकता के साथ- साथ उसे स्थापित करने के लिए जमीन तलाशने का काम शुरू हो गया है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक खंड में ब्लॉक मिल्क कूलर (BMC) स्थापित किए जाएंगे. इसके लिए पहले चरण में 45 खंडों को चिह्नित किया गया है. मंत्री शर्मा ने बताया कि इसके अलावा 350 नए वीटा बूथों को स्थापित करने की घोषणा पर भी काम किया जा रहा है. अभी 20 वीटा बूथ स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसपर तेजी से काम हो रहा है.
चिलिंग प्लांट के फायदे
डेयरी उद्योग में दूध को संग्रहित करने और उसकी गुणवत्ता बनाए रखने में चिलिंग प्लांट बेहद उपयोगी साबित होते हैं. इसके प्रमुख कार्य दूध का संग्रह, दूध को ठंडा करना, दूध की गुणवत्ता जांचना, भंडारण और बैक्टीरिया नियंत्रण करना है.
